मुख्य पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > राष्ट्रीय
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
बांग्लादेशी घुसपैठ से संगमा चिंतित
असम और मेघालय में घुसपैठ पर चिंता जताते हुए राकांपा नेता पीए संगमा ने कहा है कि बांग्लादेशियों का स्वागत है लेकिन उन्हें वैध वर्क परमिट लेकर आना होगा।

संगमा ने कहा कि खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय वर्क परमिट ले कर काम कर रहे हैं। इसी तरह बांग्लादेश के लोग अगर यहाँ आ कर आजीविका कमाना और वापस जाना चाहते हैं तो उनका मेघालय में स्वागत है। लेकिन उनके पास वर्क परमिट होना चाहिए और उन्हें किसी भी कीमत पर यहाँ रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पूर्वोत्तर में खास कर असम और मेघालय में जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर चिंता व्यक्त करते हुए संगमा ने कहा कि इस क्षेत्र की जनसांख्यिकी बदल रही है। जिसके कारण घुसपैठ रोकने के लिए कड़े उपाय करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मेघालय के साथ गारो हिल्स जिले में बाघमारा में सीमा प्रबंधन संस्थान स्थापित करने के लिए सहमत हो गई है ताकि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर तैनाती के लिए जवानों को प्रशिक्षण दिया जा सके।

संगमा ने कहा कि मेघालय सरकार विधानसभा के अगले सत्र में एक विधेयक लाएगी जिसमें राज्य में जन्म और मृत्यु का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि इस विधेयक से घुसपैठ के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी। संगमा राज्य प्लानिंग बोर्ड के प्रमुख और सत्तारूढ़ मेघालय प्रगतिशील गठबंधन सरकार के प्रमुख संरक्षक भी हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार घुसपैठ के मुद्दे पर लोगों को जमीनी स्तर पर जागरूक करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि गाँव प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने इलाकों में किसी विदेशी या अनजान व्यक्ति को पाएँ तो प्रशासन को इसकी सूचना दें।

बांग्लादेश के साथ भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कम चौकसी वाले स्थानों का जिक्र करते हुए संगमा ने कहा कि इन स्थानों से पूर्वोत्तर में घुसपैठ होती है और घुसपैठिए अशांति फैलाते हैं।
और भी
सरबजीत के लिए आडवाणी ने खत लिखा
लैंड लाइन फोन घट रहे हैं
विश्व धरोहरों में भारत का स्थान महत्वपूर्ण
अपनों की गद्दारी से पकड़े गए थे तात्या टोपे
आईआईटी स्नातकों की देश को प्राथमिकता
भूटान से रेल संपर्क के लिए सर्वेक्षण