भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने पाकिस्तान के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को खत लिखकर मौत की सजा पाए भारतीय नागरिक सरबजीत को 'माफी' देने की अपील की है।
आडवाणी ने इस महीने की छह तारीख को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी को यह पत्र लिखा था। पत्र में आडवाणी ने कहा है कि वे एक आशा के साथ उनको खत के माध्यम से संबोधित कर रहे हैं।
पूर्व गृहमंत्री ने पत्र में लिखा है कि उन्हें इस बात की पूरी आशा है कि लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नए प्रधानमंत्री भारत-पाकिस्तान सद्भावना और पाकिस्तान की राजनीति में एक नए युग का नेतृत्व करेंगे।
सरबजीतसिंह के मामले का हवाला देते हुए विपक्ष के नेता ने कहा है कि वे काफी दु:खद परिस्थितियों में भारत की जनता के लिए पत्र लिख रहे हैं।
भाजपा नेता ने अपने पत्र में कहा है कि सरबजीतसिंह को क्षमा किए जाने के लिए मैं आपसे आग्रह करता हूँ। मेरा आपसे आग्रह है कि आप एक ठोस कदम उठाएँ और सरबजीत को क्षमादान दें।
पत्र में कहा गया है कि ऐसी उदारपूर्ण कार्रवाई से आप भारतीय जनता का विश्वास जीतेंगे। इससे दक्षिण एशिया के हमारे साझा उद्देश्यों की पूर्ति होगी और उपमहाद्वीप में शांति स्थापित होगी।
इस 11 दिन पुराने पत्र को आज सार्वजनिक किया गया है। एक दिन पहले सरबजीत के परिजनों को पाकिस्तान जाकर उनसे मिलने के लिए वीजा प्राप्त हुआ है। आडवाणी ने कहा कि सरबजीत पहले ही 18 साल की सजा काट चुका है।
लाहौर और मुलतान में 1990 में हुए श्रृंखलाबद्ध धमाकों में कथित रूप से शामिल रहने के आरोप में सरबजीतसिंह को फाँसी की सजा दे दी गई है। सरबजीत को पहले एक अप्रैल को फाँसी देना थी, लेकिन बाद में उसे 30 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया है।
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