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विश्व धरोहरों में भारत का स्थान महत्वपूर्ण
18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस पर विशेष
विश्व धरोहरों के मामले में भारत का दुनिया में महत्वपूर्ण स्थान है और यहाँ के ढाई दर्जन से अधिक ऐतिहासिक स्थल स्मारक और प्राचीन इमारतें यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं।

हर साल 18 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व धरोहर दिवस 26 साल से निरंतर विश्व की अदभुत ऐतिहासिक और साँस्कृतिक धरोहरों के महत्व को दर्शाता रहा है।

भारत की ऐतिहासिक और साँस्कृतिक धरोहरों का जिक्र करें तो ऐसे बहुत से स्थानों का नाम जहन में आता है जिन्हें विश्व धरोहर सूची में महत्वपूर्ण स्थान हासिल है लेकिन मुहब्ब्त के प्रतीक ताजमहल और मुगलकालीन शिल्प की दास्ता बयान करने वाले दिल्ली के लाल किले ने इस सूची को भारत की ओर से और भी खूबसूरत बना दिया है।

ताजमहल को पिछले वर्ष कराए गए एक विश्वव्यापी मतसंग्रह के दौरान दुनिया के सात अजूबों में अव्वल नंबर पर रखा गया था। विश्व धरोहर दिवस की शुरुआत 18 अप्रैल 1982 को हुई थी जब इकोमास संस्था ने ट्यूनिशिया में अंतरराष्ट्रीय स्मारक और स्थल दिवस का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में कहा गया कि दुनियाभर में समानांतर रूप से इस दिवस का आयोजन होना चाहिए। इस विचार का यूनेस्को के महासम्मेलन में भी अनुमोदन कर दिया गया और नवम्बर 1983 के 22वें सत्र में 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई।

विश्व धरोहर सूची में शामिल भारत की अजंता की गुफाएँ 200 ईसा पूर्व की कहानी कहती नजर आती हैं लेकिन इतिहास के पन्नों में धीरे-धीरे ये भुला दी गईं और बाद में बाघों का शिकार करने वाली एक ब्रिटिश टीम ने इनकी फिर से खोज की।

विश्व धरोहर सूची में शामिल एलोरा की गुफाएँ दुनियाभर को भारत की हिन्दू बौद्ध और जैन संस्कृति की कहानी बताती हैं। ये गुफाएँ लोगों को 600 और 1000 ईस्वीं के बीच के इतिहास से रूबरू कराती हैं।

आगरा किला,कोणार्क का सूर्य मंदिर,महाबलीपुरम के स्मारक समूह,काजीरंगा नेशनल पार्क,मानस वन्यजीव अभ्यारण्य,केवलादेव नेशनल पार्क,चर्च एंड कॉन्वेंट्स ऑफ गोवा, खजुराहो स्मारक समूह, हंपी स्मारक समूह, फतेहपुर सीकरी, पाट्टदकल स्मारक समूह और एलीफेंटा की गुफाएँ।

इसके अलावा बृहदीश्वर मंदिर,थांजावुर, सुंदरवन नेशनल पार्क, नंदा देवी नेशनल पार्क, साँची बौद्ध स्तूप, हुमायूँ का मकबरा (दिल्ली कुतुबमीनार, दार्जीलिंग, हिमालयी रेलवे, महाबोधि मंदिर परिसर, बोधगया, रॉक शेल्टर्स ऑफ भीमबेटका, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, (मुम्बई) और चंपानेर,पावागढ़ पुरातत्व पार्क भी विश्व धरोहर सूची और विश्व धरोहर दिवस को सार्थक बनाते नजर आते हैं।
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