सिंगूर में छोटी कार फैक्टरी को लेकर हुए विवाद में पक्ष बनने की अनुमति हासिल करने वाली टाटा मोटर्स ने उच्चतम न्यायालय से कहा है कि परियोजना को बंद करने की याचिका पर उसका पक्ष सुने बिना कोई फैसला न दिया जाए।
मुख्य न्यायाधीश केजी बालकृष्णन की अध्यक्षता वाली पीठ ने टाटा के आग्रह को मानते हुए कार निर्माता कंपनी से कहा है कि वह दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करें। मामले की सुनवाई की अगली तारीख 13 मई मुकर्रर की गई है।
दुनिया की सबसे सस्ती कार नैनो लांच करने वाली टाटा मोटर्स सिंगूर में इस लखटकिया का निर्माण करेगी। कंपनी ने अदालत से कहा कि उसने छोटी कार परियोजना पर 700 करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च कर दी है।
वकील केदार नाथ यादव की ओर से दायर याचिका में नैनो कार परियोजना को तत्काल रोकने का आग्रह किया गया है। इसमें उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें कहा गया था कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा टाटा की परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण कानूनी रूप से सही है।
सरला चंद्रा की ओर से दायर यादव की याचिका में कहा गया है कि कई फसलों का उत्पादन करने वाली खेती योग्य भूमि का सरकार द्वारा अधिग्रहण संविधान में किसानों को मिले अधिकारों का हनन है।
|