कांग्रेस ने सांसद राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री बनाने की माँग को सिरे से खारिज कर दिया तथा ऐसी माँग करने वालों को साफ चेतावनी दी कि गाँधी और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी को चमचागिरी कतई पसंद नहीं है।
कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने ने कहा कि प्रधानमंत्री का पद इस समय रिक्त नहीं है। मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुनसिंह तथा पार्टी के कुछ अन्य नेताओं के बयानों से गाँधी को प्रधानमंत्री बनाए जाने की अटकलें लगने लगी थीं। पार्टी ने कहा कि इस तरह की राजनीतिक अटकलबाजी करना सही नहीं है।
श्रीमती नटराजन ने पार्टी में इस तरह की माँग उठाने वालों को एक तरह से चेतावनी देते हुए कहा कि श्रीमती गाँधी और पार्टी महासचिव राहुल गाँधी ने खुद को 'चमचागिरी' के वातावरण से हमेशा दूर रखा है और उन्हें यह कतई पसंद नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या वे अर्जुनसिंह की बात को चमचागिरी की संज्ञा दे रही हैं, श्रीमती नटराजन ने कहा कि उन्हें जो कहना था वे कह चुकी हैं तथा उनकी बात का कोई और अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।
समझा जाता है कि मनमोहनसिंह के प्रधानमंत्री पद पर रहते इस पद के लिए गाँधी का नाम उछाला जाना कांग्रेस अध्यक्ष को बिलकुल रास नहीं आया है और वे इससे नाखुश हैं।
उल्लेखनीय है कि लाभ के पद के मामले में इस्तीफे के बाद श्रीमती गाँधी के रायबरेली से दोबारा विजयी होने पर पार्टी के नेता अजीत जोगी ने माँग उठाई थी कि वे (श्रीमती गाँधी) अब प्रधानमंत्री का पद संभालें। इस पर श्रीमती गाँधी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा था कि पार्टी में इस तरह की माँग नहीं उठनी चाहिए।
श्रीमती नटराजन ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी टीम बहुत अच्छे ढंग से काम कर रही है तथा उसका शानदार उपलब्धियों का एक अच्छा रिकार्ड है तथा संप्रग की सरकार ने समाज के कमजोर तबकों के कल्याण के लिए अनेक प्रभावी कदम उठाए हैं।
अर्जुनसिंह ने कल कहा था कि वे राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने के पक्षघर हैं। उनका मानना है कि गाँधी में अपने पिता के तमाम गुण मौजूद हैं और वे पूरी लगन तथा निष्ठा के साथ राजनीति में सक्रिय हैं। कांग्रेस के दो सहयोगी दलों राकांपा और द्रमुक ने भी कहा है कि उन्हें गाँधी को प्रधानमंत्री के रूप में पेश किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।
प्रणब ने भी समर्थन किया : अगले लोकसभा चुनाव में राहुल को प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के रूप में पेश करने की पहल को और गति देते हुए एक अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रणब मुखर्जी ने कहा कि यह सुझाव न गलत है और न ही विवादास्पद। मुखर्जी ने कहा कि हमेशा नेतृत्व युवाओं को सौंपा जाता है। यह एक शाश्वत सत्य है। हर जगह नया नेतृत्व आगे आ रहा है।
सोनिया से मिले अर्जुन : राहुल को प्रधानमंत्री के रूप में पेश करने के बयान से उपजे विवाद के बीच अर्जुनसिंह ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से मुलाकात की।
सिंह ने श्रीमती गाँधी के निवास दस जनपथ पर हुई लगभग आधे घंटे की इस मुलाकात के बारे कुछ भी नहीं कहा, लेकिन ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने गाँधी से संबंधित अपने बयान को लेकर स्थिति स्पष्ट की।
सिंह के निकटवर्ती सूत्रों का कहना है कि श्रीमती गाँधी के साथ यह मुलाकात पहले से तय थी और इसका गाँधी के बारे में उनके बयान से कोई लेना-देना नहीं है।
भाजपा का विरोध : भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस महासचिव राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री बनाने की माँग को उनकी पार्टी की 'दरबारी मानसिकता' का परिचायक बताते हुए भर्त्सना की है।
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