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महँगाई के खिलाफ वाम-यूएनपीए का प्रदर्शन
बढ़ती महँगाई के विरोध में वामदलों एवं संयुक्त राष्ट्रीय प्रगतिशील गठबंधन (यूएनपीए) के सांसदों एवं कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को यहाँ संसद में और जंतर-मंतर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया तथा सरकार को चेतावनी दी कि अगर महँगाई पर अंकुश नहीं लगा तो वह इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने को तैयार रहे।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, फारवर्ड ब्लाक, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, समाजवादी पार्टी एवं तेलुगू देशम पार्टी के सांसदों ने संसद भवन के मुख्य द्वार पर धरना दिया। संसद के दोनों सदनों में भी महँगाई को लेकर हंगामा हुआ जिस कारण दोनों सदनों की बैठक दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पूर्व वे विट्टलभाई पटेल भवन से नारेबाजी करते हुए वहाँ पहुँचे, जबकि रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर विरोध किया।

प्रदर्शनकारी सांसद अनाज एवं अन्य आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं के वायदा कारोबार पर तुरंत रोक लगाने, पेट्रोल एवं डीजल के खुदरा मूल्य में हुई वृद्धि वापस लेने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के विस्तार एवं इसे मजबूत करने और जमाखोरों, कालाबाजारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के प्रावधान के लिए आवश्यक उपभोक्ता वस्तु विनियमन कानून में संशोधन करने की माँग कर रहे थे।

प्रदर्शन के बाद राज्यसभा में माकपा के नेता सीताराम येचुरी ने महँगाई तथा मुद्रास्फीति को वैश्विक परिघटना बताने के सरकारी तर्क को खारिज कर दिया और बताया कि वामपंथी पार्टियाँ एवं यूएनपीए महँगाई पर अंकुश के लिए सरकार को मजबूर करने के वास्ते कल से राष्ट्रव्यापी विरोध सप्ताह मनाएँगी।

उन्होंने कहा कि इस दौरान देशभर में धरने, प्रदर्शन, रैलियों एवं जुलूसों, जलसों का आयोजन किया जाएगा और चेतावनी दी कि अगर सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने में विफल रही तो 23 अप्रैल के बाद विरोध और उग्र होगा।

संसद मार्च में शामिल समाजवादी पार्टी के महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य अमरसिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर वाम-यूएनपीए 19 अप्रैल को एक राष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित कर रही हैं, जबकि तेदेपा नेता येर्रन नायडू ने कहा कि संघर्ष की आगामी रूपरेखा भी परस्पर तालमेल से तय की जाएगी। मार्च में भाग लेने वालों में लोकसभा में माकपा के नेता वासुदेव आचार्य तथा भाकपा के नेता गुरुदास दासगुप्ता, राज्यसभा की माकपा सदस्य वृंदा करात, फारवर्ड ब्लाक के महासचिव देवव्रत विश्वास तथा रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के नेता अवनि राय प्रमुख थे।

इस बीच आरएसपी ने महँगाई के विरोध में आज यहाँ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया, जबकि करीब 25 दिन के अंतराल के बाद बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले ही दिन आज वाम-यूएनपीए तथा संपूर्ण विपक्ष के भारी हंगामे के कारण लोकसभा एवं राज्यसभा में कोई कामकाज नहीं हो सका।
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