अपने पिता राजीव गाँधी की हत्या के जुर्म में सजा काट रही नलिनी शिवरासन से मुलाकात कर सनसनी फैलाने वाली प्रियंका गाँधी वढेरा ने मंगलवार को कहा कि वे गुस्से, नफरत और हिंसा में यकीन नहीं करतीं और इन चीजों को अपने ऊपर हावी नहीं होने देंगी।
प्रियंका ने तमिलनाडु की वेल्लौर जेल में बंद नलिनी से पिछले महीने मुलाकात के बारे में बताया कि यह व्यक्तिगत मुलाकात थी और मेरी खुद की पहल थी। यदि इस बात का सम्मान हो तो मैं कृतज्ञ रहूँगी।
मुरुगन से शादी करने वाली नलिनी को 21 मई, 1991 को श्रीपेरुम्बदूर में मानव बम के जरिये हुई हत्या के सिलसिले में पहले सजा-ए-मौत मिली थी, लेकिन सोनिया गाँधी द्वारा नलिनी की बच्ची के हित में सजा कम करने के आग्रह पर उसे सजा-ए-मौत नहीं दी गई और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
कांग्रेस सांसद और प्रियंका के भाई राहुल गाँधी से जब इस मुलाकात के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वे नलिनी से काफी लंबे समय से मिलना चाहती थीं। उन्होंने उससे मुलाकात की। यह एक व्यक्तिगत पहल थी। उन्होंने कहा कि हम अपने मन में गुस्से और नफरत को नहीं पालते।
यह पूछने पर कि क्या वे खुद भी नलिनी से मिलेंगे, राहुल ने कहा चीजों को देखने का मेरा नजरिया अलग है। हालाँकि मुझे भी कोई समस्या नहीं है।
प्रियंका ने कहा कि यह बात सही है कि मैंने नलिनी से वेल्लौर केन्द्रीय कारागार में 19 मार्च, 2008 को जाकर मुलाकात की। हिंसा और उससे मुझे हुए नुकसान (पिता की हत्या) के बाद शांति पाने का यह मेरा अपना तरीका है।
नलिनी की मौत की सजा को आजीवन कारावास में तब्दील करने के लिए माँ सोनिया गाँधी की ओर से की गई अपील को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वे (सोनिया) नफरत और हिंसा में यकीन नहीं करतीं।
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