मुद्रास्फीति के नियंत्रण के लिए सरकार के पास दृढ़निश्चय की कमी बताकर संप्रग सरकार की आलोचना करते हुए वरिष्ठ भाकपा नेता अतुल अंजान ने कहा कि मुद्रास्फीति की दर वायदा कारोबार के लिए जरूरी वस्तुओं को शामिल करने के कारण बढ़ी है।
मुद्रास्फीति पर आज आयोजित एक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि हम पिछले 6 महीनों से सरकार को मुद्रास्फीति बढ़ने के मामले में खबरदार कर रहे हैं, लेकिन सारी सरकारी नीतियों के कारण गरीबों पर असर पड़ रहा है।
अंजान ने कहा कि वायदा कारोबार के बने रहने के कारण और लोक वितरण प्रणाली (पीडीएस) खत्म होने के कारण मुद्रास्फीति बढ़ी है।
सार्थक चर्चा करने को सरकार तैयार : केंद्र सरकार ने मूल्यवृद्धि पर संसद में सार्थक चर्चा कराने पर अपनी सहमति जताते हुए विपक्षी दलों से संसद की कार्यवाही में बाधा नहीं डालने की अपील की है।
संसदीय कार्यमंत्री वायलर रवि ने बजट सत्र के दूसरे दौर की पूर्व संध्या पर यह अपील की। बजट सत्र का दूसरा दौर मंगलवार से शुरू हो रहा है, काफी हंगामेदार होने की संभावना है।
रवि ने बताया कि मूल्यवृद्धि पर सरकार चिंतित है और एक सार्थक चर्चा कराना चाहती है। सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामदल भी मूल्यवृद्धि से उत्तेजित हैं।
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