आगामी लोकसभा चुनाव में संप्रग की ओर से कांग्रेस महासचिव राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की चर्चा आज उस वक्त और जोर पकड़ गई, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अर्जुनसिंह ने कहा कि वे इसमें कुछ भी गलत नहीं देख रहे हैं, जबकि अहम घटक दल द्रमुक ने इसका स्वागत किया।
संप्रग के एक अन्य महत्वपूर्ण घटक दल राकांपा ने कहा कि प्रधानमंत्री का उम्मीदवार चुनना कांग्रेस पर है। भाजपा ने कहा है कि कांग्रेस के पास राजग के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी से मुकाबला करने के लिए कोई बेहतर उम्मीदवार नहीं है।
मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुनसिंह ने कहा कि राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री के रूप में पेश करने में कुछ भी गलत नहीं है क्योंकि उनमें अपने पिता के सभी गुण हैं। यह पूछे जाने पर कि शीर्ष पद के लिए क्या किसी अन्य युवा नेता को पेश किया जाना चाहिए तो उन्होंने कहा नहीं।
गौरतलब है कि इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद राजीव गाँधी ने 1984 में प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली थी। सिंह से जब अमेठी के सांसद के बारे में खासतौर पर पूछा गया तो उन्होंने कहा उनमें (राहुल) अपने पिता के सभी गुण हैं। इसके लिए आवश्यक सूचना और ज्ञान हासिल करने के लिए वह ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने राकांपा प्रमुख शरद पवार के उस नजरिए से खुद को अलग रखा, जिसमें कहा गया था कि मनमोहनसिंह को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया जाना चाहिए और संप्रग को साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए।
प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के मुद्दे पर अर्जुनसिंह ने कहा यह व्यक्तिगत नजरिया है। इस पर संप्रग को फैसला करना है। मेरी कोई राय नहीं है। पार्टी का जो नजरिया है, वो मेरा नजरिया है।
सिंह के पार्टी सहयोगी एवं संसदीय कार्य मंत्री व्यालार रवि ने कहा कि राहुल गाँधी न केवल पार्टी के बल्कि देश के सर्वाधिक स्वीकार्य नेता के तौर पर पहले ही उभरे हैं।
द्रमुक प्रमुख एम करूणानिधि ने राहुल गाँधी को संप्रग का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के विचार का तुरंत स्वागत किया। उन्होंने कहा अगर उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाता है तो मुझे खुशी होगी।
पवार ने नागपुर में संवाददाताओं से कहा कि यह कांग्रेस का विशेषाधिकार है कि वह सोनिया गाँधी या राहुल गाँधी को अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार चुने। पवार ने कहा कि उनके चयन में पवार की कोई भूमिका नहीं है।
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