पाकिस्तान के पूर्व मंत्री और मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान को दोनों देशों के लोगों के निर्बाध आवाजाही और तेजी से रिश्तों को सामान्य बनाने के लिए वीजा प्रणाली को हटा देना चाहिए।
बर्नी ने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि अगर दोनों देश सही मायने में अपने संबंधों को मजबूत करने का इरादा रखते हैं तो उन्हें वीजा प्रणाली को समाप्त कर देना चाहिए। दोनों देशों की सरकार को इस दिशा में कदम बढ़ाने की जरूरत है क्योंकि दोनों ओर के लोग शांति चाहते हैं और मुक्त रूप से एक-दूसरे से मिलने को लेकर गंभीर हैं।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के सलाहकर समिति के सदस्य 52 वर्षीय बर्नी ने कहा कि लोगों के बीच एक-दूसरे के लिए बेपनाह प्यार है और दोनों ओर के राजनेताओं को स्वयं को केवल हाथ मिलाने तक सीमित नहीं करना चाहिए बल्कि लोगों की भावना के अनुरूप कदम बढ़ाना चाहिए।
हाल ही में अपने परिवार के साथ भारत आए बर्नी ने भारतीय कैदी कश्मीर सिंह की रिहाई में महती भूमिका निभाई थी। कश्मीर सिंह पिछले 35 साल से पाकिस्तानी जेल में कैद था।
उन्होंने कहा कि वह दोनों पड़ोसी मुल्कों के शीर्ष राजनेताओं को निर्बाद्ध आवाजाही के मुद्दे पर संकल्प लेने के लिए वाघा-अटारी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आमंत्रित करेंगे।
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