केंद्र सरकार पिछड़ी जातियों के छात्रों को अपने शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण देने के लिए इसी सप्ताह आदेश जारी कर देगी।
यह जानकारी मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुनसिंह ने खास बातचीत में दी। उन्होंने बताया प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने कहा है कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के तहत जितना अमल किया जा सकता है सरकार अवश्य करेगी।
सरकार शैक्षणिक संस्थानों में पिछड़ी जातियों के सभी छात्रों को दाखिले में आरक्षण देना चाहती थी परंतु उच्चतम न्यायालय ने क्रीमी लेयर को आरक्षण के दायरे से बाहर कर दिया है। इससे संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के कई घटक दल भले ही बेचैन हैं लेकिन अर्जुनसिंह का कहना है उच्चतम न्यायालय से टकराव का कोई इरादा नहीं है।
मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले पर अभी कैबिनेट में विचार नहीं हुआ है। आगे हो सकता है। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री ने उनसे कहा है- फैसले पर अलग से बातचीत करेंगे।
अर्जुनसिंह ने प्रधानमंत्री सिंह के साथ हुई बातचीत के हवाले से बताया कि क्रीमी लेयर के मसले पर बेचैन घटक दलों से संप्रग समन्वय समिति की बैठक में बातचीत होगी। उन्होंने बताया संसद सत्र के पहले या उसी दौरान समन्वय समिति की बैठक होती ही है।
सिंह से पूछा गया कि क्या अगले चुनाव के पहले इन संस्थानों में आरक्षण लागू हो जाएगा। इस पर उनका जवाब था- चुनाव कब होगा यह तो मालूम नहीं है। यह कहे जाने पर कि अगर निर्धारित समय पर चुनाव हुए तो अगले मार्च के आसपास होंगे, तब सिंह ने कहा कि इस बीच संसद के कम से कम दो सत्र होंगे, देखते हैं कि क्या होता है।
हालाँकि कांग्रेस प्रवक्ता वीरप्पा मोइली ने निजी और गैर सहायता प्राप्त संस्थानों के छात्रों को दाखिले में आरक्षण दिए जाने के बारे में कहा था कि उनकी पार्टी इस बारे में जल्दी ही विधायी प्रावधान करना चाहती है।
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