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पाकिस्तान में पशु क्रूरता पर सिर्फ जुर्माना
पाकिस्तान में पशु क्रूरता की सजा सिर्फ जुर्माना है और वहाँ के पशु प्रेमी इन दिनों पशु संरक्षण से संबंधित भारतीय कानून का अध्ययन करने के लिए यहाँ आए हुए हैं।

'एनिमल सेविंग मूवमेंट' पाकिस्तान के प्रमुख खालिद मेहमूद कुरैशी इन दिनों राजधानी में हैं। कुरैशी ने बताया कि पशु क्रूरता रोकने के लिए भारत में बने कानून काफी हद तक प्रभावी हैं जबकि पाकिस्तान का कानून इस मायने में काफी पीछे रह गया है।

कुरैशी के अनुसार भारतीय दंड संहिता की धारा 428 और 429 के तहत पशु क्रूरता के मामले में पाँच साल कैद की सजा का प्रावधान काफी सराहनीय है जबकि उनके देश में पशुओं पर क्रूरता करने वाले सिर्फ मामूली सा जुर्माना भरने के बाद ही छूट जाते हैं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दंड संहिता 377 के तहत पशुओं पर क्रूरता करने वालों को सिर्फ जुर्माना भरने की सजा है। पशु क्रूरता के मामले में उनके देश में 1890 में अंग्रेजों द्वारा बनाया गया कानून ही आज तक चला आ रहा है, जबकि भारत में 1960 में अलग कानून बनाया जा चुका है।

'एनिमल सेविंग मूवमेंट' के अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय पशु क्रूरता निवारण समिति (आईएसपीसीए) और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पशुओं के अधिकारों के लिए समर्पित संस्था आईपीएसए के पदाधिकारी भी इन दिनों भारत के दौरे पर हैं।

हरियाणा 'पीपुल्स फॉर एनिमल' के अध्यक्ष नरेश कादियान और 'केयर ऑफ एनिमल एंड प्रोटेक्शन' (केप इंडिया) के संयोजक तथा भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के पूर्व सदस्य संदीप जैन पशु अधिकारों की रक्षा से जुड़े इन अंतरराष्ट्रीय पदाधिकारियों को भारत के विभिन्न शहरों का दौरा करा रहे हैं।

इन पशु प्रेमियों का कहना है कि पाकिस्तान में भी पशु क्रूरता के मामले में कैद की सजा का प्रावधान होना चाहिए तथा अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को चीन पर भी इस संबंध में कानून बनाने के लिए दबाव डालना चाहिए।

पशु प्रेमियों का कहना है कि चीन के संविधान में पशु क्रूरता रोकने से संबंधित कोई कानून नहीं है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि चीन में ओलिंपिक खेलों की वजह से हजारों कुत्तों को मारा जा रहा है।
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