रक्षामंत्री एके एंटनी ने जोर देकर कहा कि भारत दूसरे देशों के साथ किसी प्रकार का सैन्य समझौता नहीं करेगा लेकिन उनके साथ रक्षा सहयोग जारी रखेगा।
एंटनी ने यहाँ वीके कृष्णा मेनन अंतरराष्ट्रीय संबंध अध्ययन केन्द्र में ' थिंक टैंक ऑन डिफेंस एंड फॉरेन पालिसी' विषय पर आयोजित संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए कहा कि हमने विश्व के कई देशों के साथ रक्षा के बारे में कई समझौते किए हैं लेकिन भारत कोई सैन्य समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि देश का कई देशों के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग है। इसके तहत सँयुक्त अभ्यास किए जा रहे हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भारत किसी देश के साथ सैन्य समझौता करेगा।
एंटनी ने यह भी कहा कि सेना अभी तक आत्मनिर्भर नहीं हुई है। हालाँकि हर तरफ हमारे मित्र हो सकते हैं लेकिन भारत के पास एक ऐसी सेना होनी चाहिए जो खतरनाक स्थितियों से निपटने में आत्मनिर्भर हो।
चूँकि भारत आर्थिक रूप से प्रगति कर रहा है इसलिए उसे एक मजबूत सैन्य शक्ति की जरूरत है। लेकिन हम आत्मनिर्भर बनने और खुद अपने हथियार विकसित करने के लिए अपनी सेना का इतंजार नहीं कर सकते।
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