जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों का बिगुल फूँकते हुए कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी ने महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने का भरोसा दिलाया है।
श्रीमती गाँधी ने आज यहाँ मिनी स्टेडियम परेड ग्राउंड में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनके पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी का सपना था कि जन प्रतिनिधि संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़े, लिहाजा काग्रेंस पार्टी संसद में महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने का अपनी ओर से पूरा प्रयास कर रही है।
रैली में उन्होंने केन्द्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की उपलब्धियों का तो उल्लेख किया, लेकिन देश में बढ़ रही मँहगाई और मुद्रास्फीति के संबंध में कुछ नहीं कहा।
मादा भ्रूण हत्या का विशेष उल्लेख करते हुए श्रीमती गाँधी ने सामाजिक बुराइयों के प्रति चिन्ता व्यक्त की। उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे मादा भ्रूण हत्या के साथ ही दहेज और घरेलू हिंसा जैसी अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए। उन्होंने कहा कि एक लड़की दुनिया में सफलता हासिल कर सकती है और अपने पुरुष सहयोगी के साथ समान रूप से जिम्मेदारियाँ उठा सकती है।
राज्य के विकास में महिलाओं की भूमिका की सराहना करते हुए श्रीमती गाँधी ने महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे केन्द्र सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुँचाएँ और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी को मजबूत करें।
श्रीमती गाँधी ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के जम्मू-कश्मीर पर संयुक्त निमंत्रण के कथित फार्मूले का अपने भाषण में जिक्र नहीं किया।
केन्द्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार की महिलाओं के कल्याण के बनाई गई योजनाओं का जिक्र करते हुए श्रीमती गाँधी ने कहा कि सरकार ने उनके उत्थान और कल्याण का विशेष ध्यान रखते हुए कई कानून बनाए है।
महिलाओं के उत्तराधिकार और उनके विरुद्ध हिंसा के लिए बनाए गए कानूनों का हवाला देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने महिलाओं दी गई छूटों और विशेष प्रावधानों का उल्लेख किया।
उन्होंने महिलाओं से राज्य में राजनीतिक जिम्मेदारी उठाने और आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है, जो शांति, सुरक्षा, विकास और बच्चों का भविष्य उज्जवल बना सकती है।
श्रीमती गाँधी ने बताया कि जागती में विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए सेटेलाईट कस्बे का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 25 हजार लोगों के रहने के लिए चार हजार दो सौ फ्लैटों का निर्माण चल रहा है। रैली में केन्द्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल और राज्य के मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद भी मौजूद थे।
श्रीमती गाँधी की यात्रा के मद्देनजर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और इस दौरान कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले मार्गो पर सार्वजनिक और निजी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित की गई थी।
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