देश में इस वर्ष मार्च के दौरान 73 लाख मोबाइल के नए उपभोक्ता बने। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के आँकड़ों के मुताबिक सस्ती कॉल दरों के परिणामस्वरूप जीएसएम मोबाइल फोन सेवा के ग्राहकों में निरंतर भारी वृद्धि हो रही है। फरवरी-08 में नए मोबाइल ग्राहकों की संख्या 59 लाख थी।
देश में मोबाइल कॉल की दरें एक सेंट प्रति मिनट से भी कम होने के साथ ही सस्ते हैंडसेट और छोटे-छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँच रही दूरसंचार सेवा वृद्धि में खासा सहयोग कर रही है। चीन और अमेरिका के बाद देश विश्वभर में वायरलेस उपभोक्ता वाला तीसरा बड़ा देश बन गया। फरवरी-08 में देश में कुल 25 करोड़ 10 लाख वायरलेस उपभोक्ता थे।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने पिछले माह कहा था कि देश में जिस रफ्तार से मोबाइल का बाजार बढ़ रहा है, अप्रैल मध्य तक भारत विश्व में दूसरा बड़ा बाजार हो जाएगा। मार्च-08 के दौरान देश के सबसे बड़े मोबाइल ऑपरेटर भारती एयरटेल के ग्राहकों की संख्या 23 लाख बढ़कर छह करोड़ 20 लाख पर पहुँच गई।
वोडाफोन एस्सार लिमिटेड के मार्च में 15 लाख 70 हजार ग्राहक बढ़े और इसके उपभोक्ताओं की कुल संख्या चार करोड़ 41 लाख हो गई। सार्वजनिक उपक्रम भारत संचार निगम लिमिटेड के मार्च-08 में 16 लाख 40 हजार नए ग्राहक बने और इसके उपभोक्ताओं की कुल संख्या तीन करोड़ 62 लाख हो गई। फरवरी में उपक्रम के आठ लाख 24 हजार 284 नए मोबाइल ग्राहक बने थे।
आइडिया सेल्युलर के कुल ग्राहकों की संख्या दो करोड़ 40 लाख पर पहुँच गई। इसके साथ मार्च में 11 लाख नए ग्राहक जुड़े। देश के 22 दूरसंचार सर्किलों में केवल दो में सेवा दे रही स्पाइस कम्युनीकेशंस लिमिटेड के उपभोक्ताओं का आँकड़ा मार्च में एक लाख 26 हजार 464 बढ़कर 42 लाख पर पहुँच गया।
सार्वजनिक उपक्रम महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड जो दिल्ली और मुंबई सर्किलों में सेवा दे रहा है। इसके साथ मार्च में एक लाख 20 हजार 20 जीएसएम ग्राहक जुडे और कुल संख्या 32 लाख पर पहुँच गई। एमटीएनएल सीडीएमए सेवा भी दे रहा है।
देश की मोबाइल सेवा क्षेत्र की दूसरी बड़ी कंपनी रिलायंस कम्युनीकेशंस का आँकड़ा इसमें शामिल नहीं है। कंपनी के उपभोक्ताओं में मुख्यत सीडीएमए सेवा के हैं। फरवरी में रिलायंस कम्युनिकेशंस के ग्राहकों की संख्या 16 लाख 10 हजार बढ़कर चार करोड़ 42 लाख पर पहुँच गई थी।
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