महँगाई को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम बेअसर होते नजर आ रहे हैं। लोहा, स्टील तथा फल, सब्जियों, गेहूँ, चीनी और मसाला जैसी आवश्यक वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी से महँगाई की दर 29 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान 0.41 प्रतिशत बढ़कर पिछले करीब साढ़े तीन वर्ष के उच्चतम स्तर 7.41 प्रतिशत पर पहुँच गई। बाजार विश्लेषक महँगाई की दर को उम्मीदों से बहुत अधिक मान रहे हैं। महँगाई की दर का यह स्तर आठ नवम्बर 2004 के बाद का सर्वाधिक है। बाईस मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में मुद्रास्फीति तीन वर्ष के बाद सात प्रतिशत से ऊपर निकली थी और लगातार दूसरे सप्ताह इससे ऊपर बनी रही। उन्नतीस मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में महँगाई की दर को बढ़ाने में सर्वाधिक हाथ लोहा, स्टील के दामों में 5.6 प्रतिशत बढ़ोतरी का रहा। इस दौरान सब्जियों के दामों में 4.1 प्रतिशत, फल 1.35 प्रतिशत, चीनी दो प्रतिशत, मसूर, उड़द तीन-तीन प्रतिशत, मसाला दो प्रतिशत और गेहूँ की कीमतों में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी भी हुई। हालाँकि सरकार द्वारा खाद्य तेलों की कीमतों को काबू में करने के लिए सोयाबीन और पाम तेल आयात को शुल्क मुक्त किए जाने का कुछ असर दिखा और आयातित खाद्य तेल के दाम पाँच प्रतिशत नीचे आए। सरकार की तरफ से शुक्रवार को यहाँ जारी आँकड़ों के अनुसार पिछले साल आलोच्य अवधि में महँगाई की दर 5.94 प्रतिशत थी। प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने भी स्वीकार किया है कि कृषि वस्तुओं की कीमतों में तेजी को रोकने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है और इस कारण महँगाई को काबू में रखना मुश्किल हो रहा है जिससे आर्थिक सुधार प्रक्रिया और आर्थिक विकास की गति भी प्रभावित हुई है। आलोच्य अवधि के दौरान सकल उपभोक्ता वस्तुओं का आधिकारिक थोक मूल्य सूचकांक आधा प्रतिशत बढ़कर 224.8 अंक से 226 अंक पर पहुँच गया। इसकी गणना में शामिल सर्वाधिक 63.75 प्रतिशत का भारांक रखने वाला निर्मित उत्पादों के वर्ग का सूचकांक 0.9 प्रतिशत के उछाल से 195.4 अंक से 197.1 अंक पर पहुँच गया। प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक 22.02 प्रतिशत भारांक 0.2 प्रतिशत बढ़कर 234.6 अंक से 235.1 अंक पर पहुँच गया। ईंधन, ऊर्जा, प्रकाश एवं लुब्रीकेंट्स का सूचकांक 14.23 प्रतिशत भारांक 341.4 अंक पर स्थिर बना रहा। आलोच्य अवधि के दौरान खाद्य वस्तुओं के समूह का सूचकांक मसूर, उड़द, फल एवं सब्जियों प्रत्येक के तीन-तीन प्रतिशत, मसालों में दो, चना, समुन्द्र की मछली, जौ, मूँग और गेहूँ के दाम एक-एक प्रतिशत बढ़ने से 0.4 प्रतिशत बढ़कर 226.2 अंक से 227.2 अंक पर पहुँच गया। हालाँकि इस दौरान दूध और मक्का की कीमतों में एक-एक प्रतिशत की मंदी आई। खनिजों के समूह का सूचकांक चूना पत्थर में 14 प्रतिशत, स्टेटाईट में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी से 0.2 प्रतिशत बढ़कर 594.8 अंक से 595.8 अंक पर पहुँच गया। निर्मित उत्पादों के तहत खाद्य उत्पादों के समूह का सूचकांक चावल, छिल्का तेल और खलों में तीन-तीन प्रतिशत, चीनी में दो, मूँगफली तेल और खांडसारी में एक एक प्रतिशत की तेजी आने से 0.8 प्रतिशत बढ़कर 201.4 अंक से 203 अंक पर पहुँच गया। सप्ताह के दौरान इसकी गणना में शामिल आयातित खाद्य तेल पाँच प्रतिशत, बिनौला तेल चार, सूरजमुखी तेल तीन, तिल तेल और सरसों तेल की कीमतों में एक-एक प्रतिशत का मंदा भी आया। मूल धातुओं का सूचकांक हैवी रेल 23 किलोग्राम और इससे ऊपर के दामों में 33 प्रतिशत, सरिया, छड़ के 20 प्रतिशत, हैवी लाईट स्ट्रकल्स में नौ, कास्ट आयरन कास्टिंग में आठ और एलॉय स्टील कास्टिंग में दो प्रतिशत की तेजी से 3.8 प्रतिशत के जोरदार उछाल से 280.2 अंक से 290.8 अंक पर पहुँच गया। इस दौरान जिंक पिंड के दामों में दो प्रतिशत की मंदी भी आई।
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