केंद्रीय मंत्रिमंडल ने निजाम हैदराबाद के नाम से लंदन के नेट वेस्ट बैंक में पिछले 60 वर्ष से जमा रकम को लेकर निजाम के वारिसों तथा पाकिस्तान के बीच चल रहे विवाद का शुक्रवार को अदालत से बाहर निपटारा किए जाने के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
इस प्रस्ताव के तहत उस प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा, जिसके तहत इस समझौते पर आगे बातचीत होगी। इस मुद्दे पर भारत तथा पाकिस्तान के बीच काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है। समझौते के तहत दोनों देश 18 माह के अंदर इस समझौता प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे। यह राशि 1007940 पौंड स्टर्लिंग तथा 9 शिलिंग मूल्य की है।
गौरतलब है कि आजादी के बाद यह रकम निजाम की सरकार की रजामंदी के बिना उनके वित्तमंत्री के निर्देश पर लंदन में पाकिस्तान के तत्कालीन उच्चायुक्त हबीब इब्राहीम रहीमतुल्ला के खाते में जमा कर दी गई थी।
इन निर्देशों को गैरकानूनी माना गया क्योंकि निजाम या उनकी सरकार की रजामंदी के बिना यह धन निकाला नहीं जा सकता था इसलिए निजाम ने जब इस रकम को निकालना चाहा तो उन्हें उसकी मंजूरी नहीं दी गई। उसके बाद दोनों के बीच पत्राचार हुई लेकिन स्थिति जस की तस रही। ब्रिटेन की हाऊस ऑफ लार्डस का कहना था कि रकम पाकिस्तान सरकार के नाम जमा थी अलबत्ता उसे यह रकम मिलने वाली नहीं थी।
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