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तीर्थ यात्राएँ भी महँगी
मानसरोवर व हज यात्रा पर अतिरिक्त भार
महँगाई ने धार्मिक यात्राओं की राह भी कठिन कर दी है। इस वर्ष से अमरनाथ और हज यात्रा पर करीब चार हजार रुपए तथा मानसरोवर यात्रा पर 12 हजार रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। हर साल इन धार्मिक स्थानों की यात्रा लाखों लोग करते हैं।

हज यात्रा : हज यात्रा इस वर्ष से तीन से चार हजार रुपए महँगी हो गई है। मक्का शरीफ में उनके निवास की श्रेणी में भी कटौती कर दी गई है। इस साल से हज यात्रियों की केवल तीन ही श्रेणी होंगी। अभी तक हज यात्रियों के लिए पाँच श्रेणियों में रहने की व्यवस्था की जाती थी। इस वर्ष मक्का शरीफ में क्षेत्रफल के विस्तार के कारण ही श्रेणी में संशोधन किया गया है। इसकी वजह से हज यात्री भी प्रभावित होंगे।

ग्रीन श्रेणी के हज यात्रियों के लिए मक्का शरीफ के 400 से 1000 मीटर तथा व्हाइट श्रेणी के लिए 1001 से 1600 मीटर के दायरे में रहने की व्यवस्था की जाएगी। तीसरी श्रेणी अजीजीया के हाजियों को सात किलोमीटर के दायरे में रहने की सुविधा दी जाएगी।

मानसरोवर यात्रा : इस वर्ष से मानसरोवर के यात्रियों पर 10 हजार से 12 हजार रुपए का अतिरिक्त भार पड़ सकता है। जानकारों के अनुसार यहाँ से काठमांडू और वहाँ से मानसरोवर की यात्रा पर अभी तक 60 हजार से 65 हजार रु. खर्च आता था। इसी तरह पाँच हजार से छः हजार रुपए में संपन्न होने वाली अमरनाथ यात्रा पर इस साल से आठ हजार से नौ हजार रुपए खर्च होने का अनुमान है।

पर्यटन कारोबार से जुड़े सूत्रों के अनुसार अमरनाथ यात्रा के दौरान जम्मू के बाद खाना-पीना और रहना पूरी तरह मुफ्त रहता है, इसलिए यह यात्रा सबसे सस्ती पड़ती है। केवल जम्मू तक जाने और आने का खर्च ही मुख्य है। वहीं मानसरोवर यात्रा के दौरान भारत के बाद नेपाल होते हुए चीन जाना पड़ता है, इसलिए इस यात्रा पर खर्च कुछ ज्यादा होता है। (नईदुनिया)
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