भारत और बांग्लादेश ने ढाका और कोलकाता के बीच रेल सेवा शुरू करने के समझौते पर गुरुवार को हस्ताक्षर किए, जिससे 43 वर्षों के अंतराल के बाद आगामी 14 अप्रैल से दोनों देशों के बीच एक बार फिर से रेल संपर्क शुरू हो जाएगा।
बांग्लादेश के संचार सचिव महबूबुर रहमान और बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त पिनाक रंजन चक्रवर्ती ने यहाँ संचार मंत्रालय में अपनी सरकारों की ओर से इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
चक्रवर्ती ने इस समझौते को ऐतिहासिक करार दते हुए कहा कि इससे दोनों देश और करीब आएँगे। चक्रवर्ती ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह एक नए अध्याय की शुरुआत है।
डॉ. रहमान ने उम्मीद जताई कि रेल सेवाओं से दोनों देशों के बीच संचार नेटवर्क ही बेहतर नहीं होगा, बल्कि क्षेत्र के अन्य देशों के साथ संचार नेटवर्क कायम करने में मदद मिलेगी।
पहली रेलगाड़ी 14 अप्रैल को ढाका छावनी स्टेशन से सुबह आठ बजे रवाना होगी और उसी दिन एक अन्य रेलगाड़ी कोलकाता से ढाका छावनी स्टेशन पर रात करीब आठ बजे पहुँचेगी।
शुरुआत में यह रेलगाड़ी हर हफ्ते शनिवार और रविवार को चलेंगी। प्रत्येक रेलगाड़ी में सात कपार्टमेंट होंगे और उसमें 418 यात्री सफर कर सकेंगे। बांग्लादेश में 538 किलोमीटर और भारत में 120 किलोमीटर की दूरी वाली इस यात्रा के लिए रेल का किराया श्रेणी के अनुसार, आठ डॉलर और 20 डॉलर होगा।
यात्रियों के लिए चुआडांगा जिले के दरशाना में आव्रजन चौकी बनाई जाएगी भारत और बांग्लादेश के बीच रेल सेवा भारत और पाकिस्तान के बीच 1965 में हुई लड़ाई के बाद रोक दी गई थी, उन दिनों बांग्लादेश पाकिस्तान का ही हिस्सा था।
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