पाकिस्तान के पूर्व मानवाधिकार मंत्री अंसार बर्नी ने कहा कि भारत 100 से ज्यादा पाकिस्तानी कैदियों को एकतरफा तौर पर छोड़ने के लिए तैयार है।
विदेश सचिव शिवशंकर मेनन से मुलाकात के बाद बर्नी ने संवाददाताओं से कहा कि वह पाकिस्तान सरकार को मनाने की कोशिश करेंगे कि भारत की सद्भावना पहल के जवाब में वह भी भारतीय कैदियों को रिहा करे।
पाकिस्तानी जेल में बंद भारतीय कैदी कश्मीरसिंह की रिहाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बर्नी ने कहा विदेश सचिव ने मुझसे कहा कि भारत 100 से ज्यादा कैदियों को रिहा करने के लिए तैयार है।
बर्नी को रिहा किए जाने वाले पाकिस्तानी कैदियों की सूची सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि वह अपने मुल्क लौटने पर इन कैदियों के रिश्तेदारों की तलाश करेंगे।
उन्होंने कहा एक समस्या है कि हमें उनके पता ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर पाकिस्तान उच्चायोग कह दे कि वे पाकिस्तानी नहीं हैं तो समस्या खड़ी हो जाएगी, इसलिए मैं उनके रिश्तेदारों और उनकी राष्ट्रीयता का पता लगाना चाहता हूँ।
बर्नी ने उम्मीद जताई कि भारत की ओर से दिया गया शुभ संदेश सीमा पार से भी और खुशखबरी लाएगा और अनेक प्रभावितों के मुखड़े पर खुशी लाने में मददगार साबित होगा।
यह पूछे जाने पर कि क्या भारत ने भी पाकिस्तान से इसी तरह का कदम उठाने को कहा? उन्होंने कहा यह भारतीय पक्ष की ओर से दिखाई गई उदारता है और उन्होंने इस तरह का मामला नहीं उठाया।
उन्होंने कहा मैं पाकिस्तानी अधिकारियों से कहूँगा कि भारत ने बड़े भाई वाली भंगिमा दिखाई है, इसलिए हमें भी छोटे भाई जैसी भंगिमा दिखानी चाहिए।
बर्नी ने गृह मंत्री शिवराज पाटिल और एनएचआरसी अध्यक्ष न्यायमूर्ति राजेंद्र बाबू से भी कैदियों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की।
पाकिस्तानी जेल में बंद भारतीय कैदी सरबजीतसिंह की रिहाई के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान उन्होंने यह मुद्दा नहीं उठाया।
गौरतलब है कि भारत की ओर से मानवीय आधार पर क्षमादान की अपील किए जाने के बाद भारतीय कैदी सरबजीत की फाँसी की सजा 30 दिन के लिए टाल दी गई।
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