सरबजीतसिंह की रिहाई का वादा करते हुए पाकिस्तान के पूर्व मानवाधिकार मंत्री अंसार बर्नी ने कहा कि वह बम विस्फोट में मारे गए लोगों के परिजनों से भारतीय कैदी को माफ किए जाने का अनुरोध करेंगे।
गृहमंत्री शिवराज पाटिल और विदेश सचिव शिवशंकर मेनन के साथ यहाँ मुलाकात के बाद बर्नी ने कहा कि वह 28 साल से पाकिस्तान की जेल में कैद एक अन्य भारतीय नागरिक के मामले को भी उठाएँगे।
उन्होंने कहा हाल ही में मुझसे एक महिला मिली और कहा कि उसके पिता को उम्रकैद की सजा मिली हुई है तथा पिछले 28 साल से वह पाकिस्तान की जेल में बंद है। यह सरबजीत से भी गंभीर मामला है।
सरबजीत मामले में उन्होंने कहा वह पाकिस्तान लौटकर बम विस्फोट में मारे गए 14 मृतकों के परिजनों से उन्हें माफ किये जाने की अपील करेंगे। मैं उनसे अनुरोध करूँगा कि अगर एक व्यक्ति के जीवन से दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत हो सकते हैं तो उन्हें सरबजीत को माफ कर देना चाहिए।
पाकिस्तान में 18 साल पहले हुए विस्फोट मामले में सरबजीत को मौत की सजा सुनाई गई है। उन्हें पहले एक अप्रैल को फाँसी दी जानी थी, लेकिन भारत के अनुरोध पर इसे एक महीने के लिए टाल दिया गया।
कश्मीरसिंह की रिहाई मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बर्नी ने कहा कि उन्हें सरबजीत के लापता होने के संबंध में दर्ज प्राथमिकी की प्रति मिल गई है और उन्होंने इसकी जाँच के लिए पाकिस्तान के पंजाब सरकार को भेज दिया है।
उन्होंने कहा यह 18 साल पुराना एफआईआर है। हमें इसकी सत्यता की जाँच करनी होगी। उन्होंने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया कि सरबजीत नशे की हालत में पाकिस्तानी सीमा में चला गया।
इस रिपोर्ट पर कि सरजीबत के खिलाफ एक गवाह ने दबाव में अपना बयान दिया बर्नी ने कहा अगर ऐसा है तो मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर देनी चाहिए।
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