कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक मसालेदार भोजन भले ही स्वाद में अच्छा लगता हो, लेकिन इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं है, क्योंकि इससे पेट का कैंसर होने की आशंका रहती है।
विडंबना यह है कि इस प्रकार के कैंसर के 60 प्रतिशत मामलों का पता तीसरे और चौथे चरण में ही चलता है।
मैक्स हेल्थ केयर के सीनियर आंकोलॉजिस्ट डॉ. अमित भार्गव ने कहा कि स्वास्थ्य की दृष्टि से किसी के लिए भी अत्यधिक मसालों का सेवन उचित नहीं है।
इससे पाचन क्रिया ठीक नहीं रहती है और सबसे बड़ी बात है कि इससे पेट का कैंसर होने का जोखिम बना रहता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कैंसर के 60 प्रतिशत मामलों का पता तीसरे और चौथे चरण में ही चलता है जिसके कारण इसके रोगियों का इलाज करना मुश्किल हो जाता है। इस प्रकार के कैंसर को आमतौर पर अनदेखा किया जाता है। डॉ. भार्गव का कहना है कि अधिक समय तक खाली पेट रहना और अधिक मात्रा में मसालेदार भोजन, अचार और तली हुई चीजें खाने से पेट का कैंसर हो सकता है। उन्होंने कहा कि जहाँ तक इस प्रकार के कैंसर के लक्षणों का सवाल है तो वे बहुत ही मामूली हैं जैसे अधिक एसिडिटी, पेट का फूलना, काले रंग का मल या पेट में दर्द रहना आदि शामिल हैं।
यही कारण है कि इस रोग के शिकार व्यक्ति स्वयं दवा लेने लगते हैं और उसका इलाज समय पर नहीं करवाते। डॉ. भार्गव ने चेतावनीभरे शब्दों में कहा कि छोटे-छोटे लक्षण अगर लगातार बने रहते हैं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
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