झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में खुद को शामिल नहीं किए जाने पर नाखुशी जताई है।
दुमका से झामुमो सांसद सोरेन ने कहा कि यह गलत है। उन्होंने कहा कि कौन दागी है और कौन नहीं, यदि इस आधार पर निर्णय किया गया है तो लालू प्रसाद से भी पूछा जाना चाहिए। क्या उनके खिलाफ मामले नहीं हैं?
मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने पर संवाददाताओं द्वारा उनकी प्रतिक्रिया माँगे जाने पर सोरेन ने यह टिप्पणी की।
64 वर्षीय पूर्व केंद्रीय कोयला मंत्री 23 मई, 2004 को मंत्री बनाए गए थे, लेकिन बाद में एक अदालत द्वारा हत्या के 20 साल पुराने मामले में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।
उन्हें दूसरी बार कोयला मंत्री के रूप में उसी साल नवंबर में मंत्रिमंडल में शामिल किया गया, लेकिन दिल्ली की एक अदालत द्वारा निजी सचिव शशिनाथ झा की हत्या के मामले में उन्हें दोषी ठहराए जाने पर दो साल बाद फिर मंत्रिमंडल से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।
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