कंधार विमान अपहरण मामले में कांग्रेस के आक्रामक रुख का सामना कर रही भाजपा ने बचाव की मुद्रा अपनाते हुए कहा कि अपहृत विमान के यात्रियों को बचाने के लिए आतंकवादियों को छोड़ने का फैसला मजबूरी में किया गया था और उसे नैतिकता के मानदंडों पर नहीं मापना चाहिए।
भाजपा के स्थापना दिवस पर पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष राजनाथसिंह ने कहा कि कंधार प्रकरण को लेकर हम पर आरोप लगाए जा रहे हैं। हमने जो कुछ भी किया वह मजबूरी की स्थिति में किया। जब मजबूरी की स्थिति में कुछ किया जाता है तो उसे नैतिकता के पैमाने पर नहीं मापा जाता।
उन्होंने कहा कि उस वक्त कांग्रेस ने क्यों नहीं कहा कि आतंकवादी नहीं छूटने चाहिए। उस वक्त कांग्रेस के ही कार्यकर्ता लगातार प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर यात्रियों को मुक्त कराने के लिए राजग सरकार से तत्काल कदम उठाने की माँग कर रहे थे।
सिंह ने कहा कि जो यात्री उस विमान में सवार थे, उनमें कोई भी पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी, तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी या हमारा कोई रिश्तेदार नहीं था। उसमें सभी जाति, धर्म और मजहब के लोग सवार थे। हम इसका कोई वोट बैंक का फायदा नहीं उठाना चाहते थे।
उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ संप्रग सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि अब यह बताएँ कि भारतीय संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फाँसी देने में कौन-सी मजबूरी है।
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