संदिग्ध आतंकवादी सबाउद्दीन ने यहाँ पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि वह 2005 के दिसंबर में आईआईएससी पर हुए आतंकवादी हमले का सरगना था और यह हमला लश्कर-ए-तैयबा के कहने पर किया गया था।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) गोपाल होसुर ने बताया कि सबाउद्दीन ने पूछताछ के दौरान कहा कि उसने अपने सहयोगी हम्जा के साथ मिल कर आतंकवादी हमले के लिए चार लक्ष्यों की शिनाख्त की थी, लेकिन आईआईएससी पर केंद्रीकरण किया गया, क्योंकि वह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा था।
पुलिस ने नगर के हेब्बल इलाके में एक घर से सबाउद्दीन का बैग बरामद किया। सबाउद्दीन ने हमले की साजिश रचने के लिए यह मकान किराए पर लिया था। होसुर ने बताया कि इस बैग में हम्जा के कुछ कपड़ों के अलावा कई चीजें थी। सबाउद्दीन अभी कोर ऑफ डिटेक्टिव (सीओडी) की हिरासत में है।
आईआईएससी पर हुए इस हमले में दिल्ली आधारित एक सहायक प्रोफेसर मारे गए थे। इस हमले से नगर के लोगों में दहशत फैला गई थी। लखनऊ में गिरफ्तारी तक पुलिस इस मामले को हल करने में नाकाम रही थी।
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