पाकिस्तान के पूर्व मंत्री और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार सलाहकार परिषद के सदस्य अंसार बर्नी ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान की जेल में फाँसी की सजा पाए भारतीय कैदी सरबजीतसिंह के दस्तावेजों की वह जाँच करेंगे।
सरबजीत के परिवार की ओर से उसकी गलत पहचान को लेकर बर्नी को दस्तावेज सौंपे हैं। बर्नी को सरबजीत को लेकर वीडियो सीडी, प्रथम सूचना रिपोर्ट की प्रति आदि सौंपी गई है।
लाहौर और मुलतान में वर्ष 1990 में हुए बम विस्फोटों के मामले में सरबजीत को सजा हुई। बर्नी ने बताया कि दस्तावेजों की सच्चाई जानने में कुछ समय लगेगा।
उन्होंने कहा कि फाँसी की सजा पाए कैदी के मामले में यदि लेस मात्र भी संदेह हो तो उसकी सजा कम की जानी चाहिए। बर्नी ने यहाँ पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग के अधिकारियों से भी बातचीत की और कहा कि जिन लोगों ने सरबजीत मामले में अदालत में गवाही दी है उससे वह फिर से पूछताछ करेंगे ताकि निष्कर्ष निकल सके।
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