कर्नाटक के सभी राजनीतिक दलों ने विधानसभा चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग को पूर्ण सहयोग का शुक्रवार को आश्वासन दिया।
कांग्रेस, भाजपा, जदएस, माकपा, बसपा समेत सभी दलों के प्रतिनिधियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी के नेतृत्व में यहाँ आए आयोग के एक दल को यह आश्वासन दिया। दल में गोपालस्वामी के साथ चुनाव आयुक्त सर्वश्री नवीन बी. चावला और एन वाई कुरैशी शामिल हैं।
आयोग से भेंट के दौरान कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करने वाले राज्यसभा सांसद एच. हनुमनथप्पा ने बाद में पत्रकारों से कहा कि यदि कोई भी पार्टी राजनीतिक फायदे के लिए मतदाताओं को लालच देती है या सांप्रदायिक उन्माद फैलाती है तो आयोग उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि आयोग ने बैनर और झंडे पर पाबंदी के संबंध में शीघ्र ही स्पष्टीकरण जारी करने का आश्वासन दिया है।
माकपा के राज्य सचिव वी.जी. के मेनन ने कहा कि पार्टी ने आयोग से यह सुनिश्चत करने की माँग की है कि यदि किसी योग्य मतदाता के पास पहचान पत्र नहीं हो तो उसे ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड जैसे दस्तावेजों के पेश किए जाने पर वोट डालने दिया जाए।
माकपा ने निष्पक्ष चुनाव के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में ज्यादा सुरक्षा बल तैनात करने की भी माँग की है। भाजपा, राकांपा, बसपा, जदएस के प्रतिनिधियों ने भी आयोग के दल से भेंट की।
आयोग ने बाद में जिला चुनाव अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों की बैठक ली और राज्य में निर्वाचन तैयारी की समीक्षा की। बैठक में राज्य के मुख्य चुनाव पदाधिकारी एमएन विद्याशंकर और मुख्य सचिव एन. सुधाकर राव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। राज्य में 10.16 और 22 मई को वोट डाले जाएँगे तथा 25 मई को मतगणना होगी।
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