कांग्रेस और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने महँगाई के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल समेत अन्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि को सबसे बड़ा कारण बताया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों द्वारा मुनाफाखोरी व जमाखोरों के खिलाफ ढिलाई बरती जाने से भी महँगाई बढ़ी है। इन तमाम कारणों के बावजूद डॉ. मनमोहनसिंह सरकार महँगाई पर काबू पाने के लिए प्रयास कर रही है।
सोनिया गाँधी ने गुरुवार को आदिवासियों के आस्था स्थल बेणेश्वर धाम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राजस्थान में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार का शंखनाद किया।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमतें बढ़ने के कारण तथा अन्य सरकारों द्वारा जमाखोरों, मुनाफाखोरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने तथा सार्वजनिक वितरण व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण भी महँगाई बढ़ी है। महँगाई पर रोक लगाने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की भी है, लेकिन वे अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही हैं।
भाजपा के बहकावे में नहीं आएँ : सोनिया गाँधी ने लोगों से आव्हान किया कि वे भारतीय जनता पार्टी के बहकावे में नहीं आएँ और प्रदेश एवं देश के विकास के लिए कांग्रेस का सहयोग करें।
सोनिया ने कहा कि संप्रग सरकार ने अपने ऐतिहासिक बजट में सभी का ध्यान रखा है देश के चौतरफा विकास के लिए कांग्रेस ने संकल्प लिया है। बजट में किसानों के कर्जे माफ किए हैं। इससे चार हजार करोड़ किसानों को इसका फायदा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि किसानों की कर्ज माफी में छोटे किसानों को लाभ नहीं मिल पाया है। मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री इस बारे में शीघ्र उचित कार्रवाई करेंगे।
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