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बाबा रामदेव खाद्य वस्तुओं के कारोबार में
विख्यात योग गुरु स्वामी रामदेव योग प्रचार के बाद अब खाद्य वस्तुओं के कारोबार में भी तेजी से पैर पसार रहे हैं।

स्वामी रामदेव के नजदीकी सूत्रों का कहना है कि स्वामी रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद कंपनी का इस समय 400 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार चल रहा है और हर साल तेजी से इसका विस्तार हो रहा है।

स्वामी रामदेव ने इस साल के शुरू में पंजाब में होशियारपुर और अबरोर में पंजाब सरकार द्वारा स्थापित जूस बनाने की दो फैक्टरियों को खरीदने संबंधी प्रस्ताव राज्य सरकार के सामने रखा था।

राज्य सरकार के सूत्रों का कहना है कि अभी इस संबंध में अंतिम फैसला नहीं हुआ है। स्वामी रामदेव के प्रवक्ता सुरेंद्र तिजारावाला ने बताया कि इन दोनों फैक्टरियों में पहले से ही पतंजलि आयुर्वेद कंपनी के ब्रांड का आँवला और ग्वारपाठे का जूस ठेके में बन रहा है और ये दोनों जूस लोगों में काफी लोकप्रिय हो रहे हैं।

भविष्य में वे आँवला, लौकी, टमाटर, करेला, खीरा, गेहूँ, ज्वार, जामुन और सब्जियों का जूस तथा गाय के दूध के विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाने पर विचार कर रहे हैं।

एक प्रश्न के उत्तर में तिजारावाले ने बताया कि वर्तमान समय में पतंजलि आयुर्वेद कंपनी ने तीन प्रकार के आँवला औलेविरा और औलेविरा ऑरेंज नामक जूस शुरू किए हैं, जो बहुत ही लोकप्रिय हो रहे हैं। इसके अलावा कंपनी 6 प्रकार के शर्बत, 5 प्रकार की कैंडीज भी बनाती है। हाल ही में कंपनी ने जूस निर्माण के क्षेत्र में 25 करोड़ रुपए की राशि का निवेश किया है।

तिजारावाले ने कहा कि अगर कोई राज्य सरकार इन जूस को प्रोत्साहन देना चाहती है और स्वामीजी से इस संबंध में संपर्क करती है तो पतंजलि आयुर्वेद कंपनी उस पर अवश्य विचार कर सकती है, क्योंकि जड़ी-बूटी, जूस और आयुर्वेद सामग्री का कारोबार उसके द्वारा ही किया जाता है।

प्रवक्ता ने बताया कि पतंजलि आयुर्वेद कंपनी द्वारा वर्तमान समय में बनाए जा रहे पारंपरिक भारतीय जूस बहुत ही लोकप्रिय हो रहे हैं और इनकी माँग इतनी अधिक हो गई है कि आपूर्ति करना कठिन हो रहा है। इनमें सबसे अधिक ऑरेंज रंग का औलेविरा जूस है, जिसकी माँग इतनी अधिक हो गई है कि लोग लंबे समय तक इसका इंतजार करते रहते हैं।

उन्होंने कहा कि देश में विभिन्न प्रकार के जूसों को लोकप्रिय बनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य लोगों के स्वास्थ्य में सुधार लाना, किसानों को वैकल्पिक आधार मिलना और स्वास्थ्य के लिए घातक शीतलपेय से लोगों को छुटकारा दिलाना है, जिनके कारण उनका शरीर अनेक बीमारियों का घर बनता जा रहा है।
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