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भारत की विकास दर धीमी होगी
एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने चेतावनी दी है कि इस वित्तवर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर बीते वित्तवर्ष के 8.7 प्रश की तुलना में घटकर 8 प्रश रह जाएगी। यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब सरकार आम चुनाव के ठीक पहले महँगाई रोकने की माथापच्ची में लगी है।

बैंक ने यह भी कहा कि अगले वित्तवर्ष 2009-10 में उपभोक्ता खर्च बढ़ने और बेहतर मौद्रिक नीति के आधार पर अर्थव्यवस्था गति पकड़ेगी और इसकी विकास दर 8.5 प्रश हो जाएगी। बैंक के अनुसार इस साल मुद्रास्फीति की दर मामूली घटकर 4.4 प्रश रहेगी, लेकिन अगले वित्त वर्ष में यह बढ़कर 5 प्रश हो जाएगी। एडीबी का अनुमान प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के 8.5 प्रश विकास दर के अनुमान से कम है। हालाँकि ब्रिटिश पत्रिका इकॉनॉमिस्ट के 7.8 प्रश के अनुमान से ज्यादा है।

और उठाएँगे कदम : केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पवनकुमार बंसल ने कहा है कि यदि महँगाई नहीं रुकी तो सरकार और कदम उठाने से नहीं हिचकेगी। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि सरकार महँगाई रोकने के लिए और क्या कदम उठाएगी तो उन्होंने कहा कि अभी वे कुछ नहीं कह सकते। उन्होंने कहा कि महँगाई माँग व आपूर्ति में बड़े अंतर के कारण बढ़ी है।
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