वायुसेना प्रमुख एअर मार्शल फली होमी मेजर ने कहा है कि भारत के पास अंतरिक्ष में अपनी कमांड शीघ्र स्थापित करने के लिए आवश्यक तकनीक मौजूद है।
एअर मार्शल फली ने दूरदर्शन को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि अंतरिक्ष में अपनी कमांड स्थापित करने की प्रक्रिया लंबी है, जिसमें कई एजेंसियों का सहयोग और पर्याप्त धन की जरूरत होती है, लेकिन इस दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही यह लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
दूरदर्शन के 'वॉर एंड पीस' नाम के एक कार्यक्रम के लिए दिए साक्षात्कार में मेजर ने कहा कि अंतरिक्ष में अपनी कमांड की स्थापना के लिए सभी तैयारियों को अमलीजामा पहनाया जा रहा है और जल्द ही हम इस लक्ष्य को हासिल कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि एअरोस्पेस पावर अब ज्यादा सटीक और रिस्पांसिव बन गई है, इसलिए वायुसेना अपने जहाजी बेड़े को तीन से चार तक सीमित करेगी, ताकि उनके रखरखाव पर ज्यादा ध्यान दिया जा सके। उन्होंने कहा कि वायुसेना अगले पाँच से दस वर्षों में इस दिशा में अपना काम पूरा कर लेगी। मेजर ने वायुसेना में मानव संसाधन को वर्तमान स्थितियों में बनाए रखना बड़ी चुनौती बताया।
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