दिल्ली के चर्चित पुलिस उपायुक्त राजबीरसिंह की हत्या के लिए इस्तेमाल की गई रिवाल्वर हरियाणा में हिसार के सहायक पुलिस अधीक्षक अशोक श्योहर की थी, जो एक वर्ष पहले एक मुठभेड़ के दौरान गायब हो गई थी।
श्योहर को हैरानी है कि उनकी रिवाल्वर किस तरह राजबीर के हत्यारे तक पहुँच गई। पुलिस इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर रिवाल्वर के गायब होने से लेकर उसके गुडगाँव के प्रॉपर्टी डीलर विजय भारद्वाज तक पहुँचने के रहस्य की जाँच में लग गई है।
गौरतलब है कि मुठभेंडों के महारथी माने जाने वाले दिल्ली पुलिस के सहायक आयुक्त की भारद्वाज ने गत सोमवार की रात अपने गुड़गाँव-महरौली मार्ग के कार्यालय में गोली मारकर हत्या कर दी थी और बाद में खुद को पुलिस के हवाले कर दिया था।
पुलिस की प्रारंभिक जाँच में यह बात साफ नहीं हो रही थी कि मूल रूप से वह हथियार किसका था और वह उस प्रापर्टी डीलर तक कैसे पहुँचा। खबरों के अनुसार उस रिवाल्वर पर अंकित नंबरों के साथ कुछ हेराफेरी करने के निशान भी प्राप्त हुए थे। एक खबर यह भी थी कि मारे गए पुलिस अधिकारी ने ही हत्यारों को कुछ दिन पूर्व वह रिवाल्वर दिलवाई थी।
श्योहर ने अपनी खोई रिवाल्वर के बारे में एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि मुझे हैरानी है। उन्होंने बताया कि उनकी रिवाल्वर एक वर्ष पूर्व एक मुठभेड़ के दौरान गुम हो गई थी और उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दे दी थी, लेकिन हथियार का पता नहीं चल सका था।
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