कांग्रेस और भाजपा से अलग 'तीसरा विकल्प' तैयार करने के आह्वान और भारत-अमेरिका सैनिक संधि को समाप्त करने की माँग के साथ माकपा की छह दिवसीय कांग्रेस शनिवार को यहाँ शुरू हुई, जिसमें वाशिंगटन के साथ नागरिक परमाणु समझौते पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा गया कि पार्टी इसे कार्यान्वयन से रोकने के लिए अपना पूरा जोर लगा देगी।
केंद्र में सरकार को बाहर से समर्थन दे रही प्रमुख वामपंथी पार्टी के महाधिवेशन सत्र में परमाणु करार को लेकर पार्टी के गंभीर विरोध की बात दोहराई गई और जोर दिया गया कि पार्टी इसे रोकने के लिए अपना पूरा दमखम लगा देगी।
19वीं कांग्रेस के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए माकपा महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली साम्प्रदायिक शक्तियों को सत्ता में आने से रोकने के लिए सभी कदम उठाए जाने चाहिए और तीसरा विकल्प नीतियों के वैकल्पिक मंच पर आधारित होना चाहिए, जो महज चुनावी गठबंधन नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसी लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष पार्टियाँ हैं, जो जनोन्मुख आर्थिक नीतियों, सामाजिक न्याय के उपायों और स्वतंत्र विदेश नीति पर वाम से सहमत हो सकती हैं। ऐसा मंच नि:संदेह चरित्र में गैर सांप्रदायिक होगा।
इस अपील में उनका साथ देते हुए भाकपा महासचिव एबी बर्धन ने कहा यह वक्त है, जब हमें कांग्रेस और भाजपा दोनों का एक वाम तथा लोकतांत्रिक विकल्प तैयार करने का हर प्रयास करना चाहिए।
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