चाँद पर जाने वाले चंद्रयान एक का प्रक्षेपण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने दो माह के लिए टाल दिया है और अब यह यान अप्रैल के बजाए जून में प्रक्षेपित किया जाएगा।
आईआईटी कानपुर में आयोजित 'इमजिंग टेन्डस इन दि फोटोवोल्टिक एनर्जी जेनरेशन एंड यूटिलाइजेशन' विषय पर आयोजित संगोष्ठी में यह जानकारी इसरो के वैज्ञानिक डॉ. अनिल अग्रवाल ने दी।
उन्होंने बताया कि चंद्रयान प्रथम का प्रक्षेपण एक अप्रैल को होना था पर कुछ प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से अब इसका प्रक्षेपरण इसी वर्ष जून में इसरो द्वारा किया जाएगा। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि चंद्रयान का पक्षेपण स्पेस टेक्नालॉजी में एक नया इतिहास लिखने में सक्षम होगा।
संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा ही भविष्य की सुरक्षित ऊर्जा है और इसरो भी उपग्रह में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करता है। इसके लिए विदेशों से सोलर सेल का आयात किया जाता है तथा बाद में इसे इलेक्ट्रकल ऊर्जा में परिवर्तित कर दिया जाता है।
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