दिल्ली पुलिस की महत्वपूर्ण शाखाओं में संचार (कम्युनिकेशन) विभाग भी शामिल है, लेकिन राजधानी के प्रत्येक कोने को जोड़ने वाले इस विभाग के 340 कर्मचारी पिछले 10 वर्ष में रंगदारी, हत्या का प्रयास, हफ्ता वसूली, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बदसलूकी, प्रधानमंत्री के रूट व्यवस्था के दौरान अव्यवस्था फैलाने जैसे गंभीर अपराध के दोषी पाए गए हैं।
पिछले 10 वर्षों में दिल्ली पुलिस के संचार विभाग के 372 कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 340 को आपराधिक मामलों में लिप्त पाया गया, जबकि 31 पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभी भी मामले लंबित हैं। एक पुलिसकर्मी को बरी कर दिया गया है।
सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत दिल्ली पुलिस से माँगी गई जानकारी के अनुसार जिन 31 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामले लंबित हैं, उन पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, घातक हथियारों से नुकसान पहुँचाने, लूटपाट करने तथा विवाहित महिला को जबरन रोकने जैसे गंभीर आरोप हैं।
दिल्ली पुलिस से सूचना चाही गई थी कि संचार विभाग में पिछले 10 वर्ष के दौरान उसके कितने पुलिसकर्मी आपराधिक मामलों में लिप्त पाए गए हैं और उन पर क्या-क्या कार्रवाई की गई है।
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