एक वरिष्ठ पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी ने आज बताया कि दोनों देशों की जेलों में बंद 1965 और 1971 के युद्धबंदियों की रिहाई के लिए बातचीत हो रही है।
सीमा सुरक्षा बल के साथ चंडीगढ़ में एक द्विवार्षिक बैठक में पाकिस्तानी रेंजर्स के 14 सदस्यों के शिष्टमंडल का नेतृत्व कर रहे मेजर जनरल मोहम्मद हारून असलम ने कहा कि दोनों देश युद्धबंदियों के मुद्दे को विदेश मंत्रालय के स्तर पर उठा रहे हैं।
असलम ने कहा कि यह मुद्दा उच्चतर स्तर पर दोनों पक्षों के विदेश मंत्रालय के स्तर पर उठाया जा रहा है और दोनों पक्ष इस पर कार्य कर रहे हैं और बंदियों की रिहाई की कुछ उम्मीदें है। पाकिस्तान में नयी सरकार के आगमन के बाद दोनों सीमा बलों के बीच यह पहली द्वीवार्षिक बैठक है।
सरहद पार से नशीले पदार्थों की तस्करी के भारतीय आरोपों के बारे में असलम ने कहा पाकिस्तान से इस तरह की कोई चीज नहीं आ रही है। फिर भी बीएसएफ के साथ तीन दिनों की बैठक में इस तरह के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और दोनों तरफ विद्यमान इस तरह के तमाम भ्रमों का निदान किया जाएगा।
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