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देश में साइबर अपराध बढ़े
सूचना प्रौद्योगिकी प्रसार के साथ ही देश में साइबर अपराधों में भी वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आँकड़ों का हवाला देते हुए सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2004 में देश में साइबर अपराधों के 347 मामलों की सूचना दी गई थी, लेकिन वर्ष 2005 में साइबर अपराधों के 481 मामलों की और वर्ष 2006 के दौरान 453 मामलों की सूचना दी गई।

इन मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज मामले भी शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि साइबर अपराध पर काबू पाने के लिए पुलिस अकादमियां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी इन), कंट्रोलर ऑफ सर्टिफाइंग अथॉरिटी (सीसीए) जैसे संगठन पुलिस पदाधिकारियों के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम करते हैं।

उन्होंने बताया कि विधि विज्ञान निदेशालय (डीएफएस) की प्रयोगशालाएँ भी कानून प्रवर्तन करने वाली एजेंसियों के लिए देश में नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती हैं और डिजिटल सबूत का पता लगाने और जब्त करने तथा कार्रवाई करने के लिए प्रशिक्षण देती हैं।

सूत्रों ने बताया कि साइबर हाई टैक अपराध जाँच पड़ताल और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने सीबीआई को 363 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की है।
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