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योग के प्रति लोगों में रुचि बढ़ी
खाना कम कर दो, तोंद कम करने के लिए बेल्ट ले आए और चर्बी काटने के लिए गोलियाँ खा लीं, परंतु कोई फायदा नहीं हुआ तो अब लोग तेजी से योग की तरफ बढ़ने लगे हैं।

जो पहले से योग करते चले आए हैं, वे पहले से जानते हैं कि वे न केवल मोटापे से, वरन्‌ कई बीमारियों से भी काफी हद तक बचे हुए हैं। कुछ और लोग ऐसे हैं, जो चर्बी तो घटा ही रहे हैं, लेकिन साथ रहने वालों को अपने सुडौल शरीर से जला रहे हैं।

पिछले साल करीब 4300 लोगों ने मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान में प्रशिक्षण लिया और उपचार कराया। यह जानकारी यहाँ के निदेशक ईश्वर वी. बासवरेड्डी ने दी।

उन्होंने बताया कि इनमें से आधे तो मोटापा कम करने के लिए आते थे। यह संस्थान आयुष विभाग के तहत एक स्वायत्त संस्थान के रूप में काम करता है। इसमें योग के अलावा प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी भी सिखाया जाता है।

यह विभाग स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन काम करता है। उन्होंने बताया कि लोग यह मानने लगे हैं कि मोटापे को काटने के लिए योग सबसे बेहतर विधा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि 2005 में 15 साल से ज्यादा की आयु वाले करीब 1.5 अरब लोगों का वजन ज्यादा है। इसके अलावा करीब 40 करोड़ लोग मोटे हैं। यह भी अनुमान है कि 2015 तक करीब 2.3 अरब वयस्क जरूरत से ज्यादा वजन के होंगे और करीब 70 करोड़ लोग मोटापे के तहत आएँगे।

मोटापा दुनिया के लिए उतना ही घातक है, जितना कि कुपोषण। वंशानुगत मोटापा, गलत दिनचर्या, तनाव, हार्मोन का असंतुलन और कुछ अन्य मोटापे के प्रमुख कारण माने जाते रहे हैं।

वे कहते हैं कि योग आसानी से किसी भी रोग से निजात दिला सकता है। बशर्ते उसका अनुशासन रखा जाए। वे कहते हैं कि यदि व्यक्ति 15 मिनट भी आसनों को करता है तो वह बहुत जल्द अपने आप में बदलाव महसूस करने लगेगा।

यदि मोटापा मनोवैज्ञानिक कारणों से है तो ध्यान करना सबसे बेहतर कहा जा सकता है। योग का अर्थ है सभी परेशानियों से बचना। उन्होंने यहाँ से सीखे पुराने विद्यार्थियों से भी अपील की है कि वे लोगों को सिखाने के लिए आगे आएँ, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से सरकारी और निजी स्तर पर मोटापे से परेशान कई लोग योग की ओर आए हैं।

यह भी देखने में आया है कि 25 से 40 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएँ तेजी से अपने वजन के प्रति चिंतित नजर आई हैं।

दो साल पहले संस्थान से उत्तीर्ण होकर निकलीं सतविंदर कौर का कहना है कि लोग मोटापे से संबंधित समस्याओं को समझते हैं और रोगों से छुटकारा उनका पहला लक्ष्य है। वे जानते हैं कि मोटापे से और बीमारियों को आमंत्रण मिलेगा। (नईदुनिया)
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