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अग्नि-1 मिसाइल का सफल परीक्षण
1000 किलो भार का परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम
भारत ने रविवार को सतह से सतह पर मार करने और परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम ठोस ईंधन आधारित अग्नि प्रथम मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इसकी मारक क्षमता 700 से 900 किलोमीटर है।

उड़ीसा तट पर बंगाल की खाड़ी में स्थित व्हीलर्स आइलैंड पर एकीकृत परीक्षण रेंज से एक मोबाइल लांचर के जरिए मिसाइल का सुबह सवा दस बजे परीक्षण किया गया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के वैज्ञानिकों ने बताया कि परीक्षण सभी मापदंडों पर खरा उतरा।

वैज्ञानिकों ने बताया कि मिसाइल की संचालनात्मक तैयारी को परखने के लिए यह दूसरा परीक्षण था। पिछला परीक्षण इसी प्रक्षेपण स्थल से पाँच अक्टूबर 2007 को किया गया था।

अग्नि प्रथम भारतीय सशस्त्र बलों के जखीरे में पहली और एकमात्र ठोस ईंधन आधारित मिसाइल है। 15 मीटर लंबी इस मिसाइल का भार 12 टन है तथा यह एक हजार किलोग्राम भार का पारंपरिक तथा परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम है।

सूत्रों ने बताया कि नवगठित स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड के कर्मचारियों तथा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के वैज्ञानिकों की निगरानी में रविवार को परीक्षण किया गया।

एकल चरण वाली अग्नि मिसाइल को रेल और रोड दोनों प्रकार के मोबाइल लांचर से छोड़ा जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि पृथ्वी मिसाइल के विपरीत अग्नि प्रथम में नई निर्देशन तथा नियंत्रण प्रणाली लगाई गई है, जिससे इसकी पुन: प्रवेश तकनीक तथा कार्यशीलता में काफी सुधार हुआ है। पृथ्वी की मारक क्षमता मात्र तीन सौ किलोमीटर है।

उन्होंने बताया कि अग्नि प्रथम अग्नि द्वितीय मिसाइल का एकल चरण संस्करण है। उन्होंने बताया कि आज के परीक्षण के विस्तृत परिणामों का रडार नेटवर्क तथा टेलीमिट्री स्टेशनों से लिए गए आँकड़ों के आधार पर विश्लेषण किया जाएगा।

इस मिसाइल का पहला परीक्षण 25 जनवरी 2002 को व्हीलर्स आइलैंड से किया गया था। सतह से सतह पर मार करने वाली बैलेस्टिक मिसाइल का यह पाँचवाँ परीक्षण है। (भाषा)
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