शांति के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित तिब्बतियों के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने कहा है कि तिब्बत की आजादी का संघर्ष कभी दम नहीं तोड़ेगा और यह आंदोलन उनके मरने के बाद भी जारी रहेगा।
एक पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि मैं इस बात से पूरी तरह असहमत हूँ कि तिब्बत का आंदोलन दम तोड़ देगा और उनके मरने के बाद तिब्बत के लिए आशाओं के द्वार बंद हो जाएँगे। तिब्बत में और वहाँ से बाहर रहने वाली पुरानी पीढ़ी जाएगी, लेकिन नई पीढ़ी इस संघर्ष को आगे बढ़ाएगी।
दलाई लामा ने कहा कि आंदोलन में आने वाली तेजी को देखकर उन्हें लगता है कि उनकी मृत्यु के बाद नई पीढ़ी इस संघर्ष को पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ाएगी।
जब उनसे पूछा गया कि चीनी अधिकारियों का विश्वास है कि उनके निधन के बाद तिब्बत का संघर्ष समाप्त हो जाएगा, तो उन्होंने कहा कि चीनी अधिकारी क्या सोचते हैं, इस बारे में उन्हें कुछ मालूम नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक वे जीवित हैं, तिब्बतियों और चीनी नागरिकों के बीच सौहार्द को कम नहीं होने देंगे।
उन्होंने कहा कि तिब्बत में हुए खून खराबे की तस्वीरें देखकर उनके आँसू छलक पड़े और इससे वे बहुत व्यथित हैं। उन्होंने कहा कि चीनी शासन सेल फोन, डिजिटल फोटोग्राफी और ई-मेल सेवा बाधित कर तिब्बत में शांति स्थापित करना चाहता है, लेकिन इससे स्थिति नियंत्रित नहीं होगी।
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