वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने केंद्र सरकार को समर्थन दे रहे वामदलों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आर्थिक वृद्धि की दिशा में प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह और उनके प्रयास में संसद के करीब 60 सदस्यों को ही खामी दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि वे कहते हैं कि आर्थिक वृद्धि के कोई मायने नहीं हैं और इसका लाभ महज चंद लोगों को ही मिलता है। त्यागराज इंजीनियरिंग कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए शुक्रवार रात चिदंबरम ने कहा कि उच्च वृद्धि दर के चलते ही सरकार जनता के लिए कई विकास कार्यक्रम लागू करने में सफल रही है।
उन्होंने कहा कि यदि हम नौ प्रतिशत तक वृद्धि दर हासिल कर लेते हैं तो वर्ष 2020 तक भारत की प्रति व्यक्ति आय 2000 अमेरिकी डॉलर तथा 2050 तक यह 16 हजार अमेरिकी डॉलर हो जाएगी। वित्तमंत्री ने दावा किया कि आने वाले दिनों में भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की सबसे बड़ी तीन देशों की अर्थव्यवस्था में से एक होगी।
उन्होंने कहा कि यदि हम इसी रफ्तार से वृद्धि करते रहे तो भारत दुनिया में सबसे उन्नत देश बन जाएगा। विभिन्न प्रकार के विकास कार्यक्रमों के बारे में चिदंबरम ने कहा कि यदि वृद्धि दर बरकरार रहती है तो अगले वर्ष सर्वशिक्षा अभियान के लिए 15100 करोड़ रुपए तथा मध्याह्न भोजन योजना के लिए 8000 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जाएँगे।
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