पाकिस्तान की विश्वविख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता अस्माँ जहाँगीर ने गुरुवार को कहा कि सरबजीतसिंह की जान बख्श कर उसे तुरंत भारत को लौटाना चाहिए और दोनों पड़ोसी देशों को कैदियों की सियासत बंद करनी चाहिए। सरबजीत की जान बख्शी और रिहाई की माँग के साथ असमाँ ने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि हाल ही में भारत में पाकिस्तान के नागरिक के पुलिस हिरासत में मारे जाने की घटना की भारत में निंदा नहीं की गई। संवाददाताओं से बातचीत के दौरान सरबजीत की रिहाई की पुरजोर वकालत करते हुए उन्होंने कहा ऐसे मामलों में दोनों ओर के लोगों को बराबर की सद्इच्छा का इजहार करना चाहिए। हाल ही में भारत ने एक पाकिस्तानी नागरिक का शव पाकिस्तान को लौटाया जिसकी पुलिस हिरासत में मौत हुई। इस घटना के खिलाफ भारत में आवाज नहीं उठी जिसकी हमें तकलीफ है। उन्होंने कहा इसके बावजूद मैं मानती हूँ कि सरबजीत की जिन्दगी बख्श कर उसे तुरंत भारत को सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोगों को एक दूसरे की जेलों में बंद कैदियों की बदहाली के बारे में बोलना चाहिए। इससे सद्भावना बढ़ेगी और एक दूसरे के कैदियों की रिहाई में मदद मिलेगी।
|