कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के जीवन पर आधारित फिल्म के प्रदर्शन का रास्ता साफ हो गया है, क्योंकि सेंसर बोर्ड ने पिछले हफ्ते उस शर्त को वापस ले लिया, जिसमें फिल्म निर्माता से कहा गया था कि वह सोनिया से अनापत्ति प्रमाण-पत्र हासिल कर लें।
इससे पहले सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) ने फिल्म निर्माता ठाकुर दिनेश कुमार से सोनिया से प्रमाण-पत्र लेने को कहा था। हालाँकि फिल्म को दिसंबर 2005 में ही यू सर्टिफिकेट दे दिया गया था। सोनिया नाम की यह फिल्म सोनिया गाँधी के जीवन पर आधारित है।
कुमार ने दावा किया कि सेंसर बोर्ड से नोटिस मिलने के बाद उन्होंने सहमति हासिल करने के लिए सोनिया को पत्र लिखा और उनसे अनापत्ति प्रमाण-पत्र देने का आग्रह किया।
कुमार ने बताया कि उन्हें जवाब नहीं मिला। उसके बाद उन्होंने बोर्ड से फिर संपर्क किया। उन्होंने कहा कि कोई जवाब नहीं आने का मतलब है कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सीबीएफसी ने फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुमति देने से मना कर दिया।
इसके बाद उन्होंने सीबीएफसी द्वारा पूर्व शर्त जोड़ने के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उनके वकील श्याम केसवानी ने दलील दी कि सीबीएफसी को कानून के तहत इस तरह की पूर्व शर्त जोड़ने का कोई अधिकार नहीं है।
पिछले हफ्ते अतिरिक्त सालीसीटर जनरल राजेंद्र रघुवंशी ने उच्च न्यायालय से कहा कि सीबीएफसी इस शर्त को हटा रही है कि फिल्म निर्माता सोनिया से अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेकर आए। इसके बाद न्यायालय ने याचिका का निपटारा कर दिया।
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