अपने खिलाफ अयोग्यता याचिका का सामना कर रही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने उस आरोप को खारिज कर दिया है कि उन्होंने बेल्जियम का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान स्वीकार कर इस यूरोपीय देश के संविधान के प्रति कथित निष्ठा जताई है।
चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि आयोग की ओर से गत महीने दिए गए नोटिस के जवाब में सोनिया ने यह बात कही। कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वयं उस एसोसिएशन का सदस्य होने का चुनाव नहीं किया, जिसने उन्हें आर्डर ऑफ लियोपोल्ड सम्मान से नवाजा। सूत्रों ने कहा कि आयोग उनके जवाब की जाँच करेगा।
तीन सदस्यीय चुनाव आयोग ने मामले को लेकर मतैक्य के अभाव के बाद कांग्रेस अध्यक्ष को नोटिस देते हुए तीन हफ्ते के भीतर इसका जवाब देने को कहा था।
गौरतलब है कि केरल के एक वकील ने गत वर्ष आयोग के समक्ष आवेदन देकर 61 वर्षीय सोनिया गाँधी को बेल्जियम का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान लेने के कारण लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने का अनुरोध किया था। वकील ने आरोप लगाया था कि सोनिया ने सम्मान ग्रहण कर बेल्जियम के संविधान के प्रति निष्ठा प्रकट की है।
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