संप्रग सरकार की किसान ऋण माफी की महत्वपूर्ण योजना के कार्यान्वयन के तौर तरीकों की वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए कहा कि 14 महीनों में 60 हजार करोड़ के पैकेज का दो तिहाई बैंकों को नकद उपलब्ध करा दिया जाएगा।
इस साल के आम बजट पर तीन दिन से चल रही चर्चा का उत्तर देते हुए चिदम्बरम ने लोकसभा में कहा कि बैंक इस साल 30 जून तक छोटे और सीमांत किसानों के सभी ऋण खातों का निबटारा कर देंगे और सरकार इसकी एवज में 36 महीनों के भीतर इन बैंकों और वित्तीय संस्थानों को धन उपलब्ध करा देगी।
उन्होंने बताया कि ये 36 महीने, तीन कृषि वर्षों यानी एक जुलाई 2008 से 30 जून 2011 तक पूरे होंगे। ये कृषि वर्ष चार वित्तीय वर्षों में विस्तारित होंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की ऋण माफी के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों को मुआवजे के रूप में संसद में वित्त विधेयक के पारित होते ही 30 जून 2008 तक 25 हजार करोड़ रुपए की पहली किस्त का नकद भुगतान कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसके बाद 2009-10 के बजट में 15 हजार 2010-11 के बजट में 12 हजार और 2011-12 के बजट में आठ हजार करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा।
चिदंबरम के उत्तर के बाद सदन ने ध्वनिमत से वर्ष 2008-09 की लेखानुदान माँगे और इससे जुड़े विनियोग विधेयक तथा वर्ष 2007-08 की अनुपूरक अनुदान माँगे और उससे जुड़े विनियोग विधेयक को पारित कर दिया। इन अनुपूरक माँगों में ही किसानों की ऋण माफी योजना के लिए दस हजार करोड़ रुपए का कोष बनाने का प्रावधान है।
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