भाजपा ने कांग्रेस पर यह कहते हुए प्रहार किया कि उसने खुद को वंशवाद की अवधारणा से बाँध रखा है, जिसने उसके बुनियादी संविधान को नष्ट कर दिया है और कांग्रेसी गुलामों की भाँति संतुष्ट हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री पद के पार्टी के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने नेहरू-गाँधी परिवार पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि इस परिवार ने कांग्रेस को हथिया लिया है और उसे 'पारिवारिक जागीर' बना लिया है।
आडवाणी ने यह बात शुक्रवार को कही जब पार्टी अध्यक्ष के रूप में सोनिया गाँधी के दस साल पूरे हुए हैं। उन्होंने इंडिया टूडे के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह पर भी निशाने साधते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री के प्रति सहानुभूति है क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष उनसे ज्यादा शक्तिशाली हो गई हैं।
आडवाणी ने इसकी भी चर्चा की कि उनकी भाजपा किस तरह कांग्रेस से भिन्न है। उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व के लिए एक खास वंश के सदस्यों का आरक्षण है। उन्होंने कहा कि कोई और शीर्ष पर नेता नहीं बन सकता है।
आडवाणी ने कहा कि मैं कभी-कभी यह देखकर हताश हो जाता हूँ कि कैसे एक समूची पार्टी हथिया ली गई और पारिवारिक जागीर बना ली गई है और इस हथियाने पर कांग्रेसजन गुलामों की तरह कैसे संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा यह भारत के राजनीतिक विकासक्रम का सबसे दुखदाई विकास है।
उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ भाजपा के नेता आमजन के बीच से आए हैं, जो पार्टी का समर्थन करते हैं और इसमें कोई कभी जीवनपर्यंत अध्यक्ष नहीं रहा है, जैसा कांग्रेस में है।
कंधार विमान अपहरण कांड : आडवाणी ने कहा कि वे दिसंबर 1999 में कंधार विमान अपहरण कांड के खिलाफ कार्रवाई करने के पक्ष में थे, राजग सरकार ने इंडियन एयरलाइंस के 160 यात्रियों के जीवन के बदले तीन आतंकवादियों को छोड़ने का फैसला किया।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला के एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने यह बात कही। आडवाणी ने कहा कि इस घटना के बारे में उनके विचार सभी को पता थे, क्योंकि गृहमंत्री के रूप में वे मंत्रिमंडल के सामने अपना मत व्यक्त कर चुके थे।
उन्होंने कहा- सरकार ने महसूस किया कि यात्रियों को बचाना चाहिए और मैं भी इसका एक हिस्सा था। असफल आगरा शिखर सम्मेलन का उदाहरण देते हुए आडवाणी ने कहा कि यदि राजग सरकार आतंकवाद पर समझौता करने की इच्छुक होती तो आगरा सम्मेलन कभी असफल नहीं होता।
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