किसानों को सरकारी और सहकारी बैंकों के कर्ज से छुटकारा दिलाने की घोषणा करने के बाद अब सरकार उन्हें सूदखोरों और साहुकारों के शिकंजे से मुक्त कराने की तैयारी कर रही है।
वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने लोकसभा में शुक्रवार को आम बजट पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए कहा कि सरकार किसानों को सूदखोरों और साहुकारों के कर्ज से मुक्त कराने के लिए भी जल्द ही कोई योजना लाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से बैंकों में इस प्रकार की एक योजना पहले से ही अमल में है लेकिन वह ज्यादा सफल नहीं हो पाई।
उन्होंने कहा कि जल्द ही इसके लिए नई योजना घोषित की जाएगी ताकि किसानों को सूदखोरों के शिकंजे से मुक्त कराकर बैंकों के साथ जोड़ा जा सके।
वित्तमंत्री ने कहा कि साहुकार अथवा सूदखोर से कर्ज लेने का पूरा मामला राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है। संसद अथवा केन्द्र के पास इस मामले में सीधे कोई अधिकार नहीं हैं।
उन्होंने 1938 के एक पुराने कानून का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकारों को इसके आधार पर कानून बनाकर अवैध तरीके से किसानों को धन देकर अपने चंगुल में फँसाने वालों पर शिकंजा कसना चाहिए।
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