अमेरिकी पत्रिका 'फोर्ब्स' द्वारा रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी को भारत में रहने वाले सबसे अमीर बताए जाने को उन्होंने भारतीय दर्शन में निहित 'माया' करार दिया।
देश के सबसे अधिक मूल्यांकन वाले कार्पोरेट समूह के अध्यक्ष अंबानी ने कहा कि अरबपतियों की सूची को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, लेकिन यह छलावा है। फोर्ब्स की अरबपतियों की सूची में 53 भारतीयों का नाम शामिल हैं।
अंबानी ने इंडिया टुडे कान्क्लेव के मौके पर कहा कि यह भारतीय दर्शन में निहित माया (भ्रम) जैसा है। यह आपकी दृष्टि पर पर्दा डाल देता है और हमें इसके ललचाने वाले भ्रम से सावधान रहना चाहिए।
फोर्ब्स पत्रिका द्वारा पाँच मार्च को प्रकाशित सूची में 43 अरब डॉलर के साथ भारत में रहने वाले मुकेश का स्थान पहला है। विश्व भर में रहने वाले सबसे अमीर भारतीयों की सूची में मुकेश सिर्फ अनिवासी भारतीय स्टील सम्राट लक्ष्मी मित्तल के बाद आते हैं, जिनकी संपत्ति 45 अरब डॉलर है।
वैश्विक सूची में मुकेश अंबानी का स्थान पाँचवाँ है। मुकेश से पहले इस सूची में जगह पाने वालों में निवेशक वॉरेन बफेट, मैक्सिको के दूरसंचार कारोबारी कार्लो स्लिम हेलू, बिल गेट्स और आर्सेलर मित्तल के मुख्य कार्याधिकारी लक्ष्मी मित्तल का नाम आता हैं।
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