वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम ने बढ़ती महँगाई और शेयर बाजार में गिरावट के लिए अंतरराष्ट्रीय कारणों को जिम्मेदार ठहराया है।
चिदम्बरम ने शुक्रवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न सदस्यों के प्रश्नों के जवाब में कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल तथा खाद्य पदार्थों की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी होने के कारण देश में भी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हैं तथा अनाज, खाद्य तेल और दालों में आत्मनिर्भरता हासिल किए बिना मुद्रास्फीति पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सकता।
मुंबई शेयर बाजार के संवेदी सूचकांक के 21000 अंक से लुढ़ककर 15000 अंकों पर पहुँचने के प्रति सदस्यों की चिंता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसे देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका तथा विश्व के दूसरे देशों में छाई मंदी की वजह से ऐसा हो रहा है। विश्व बाजार की उथल-पुथल का असर इस पर पड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि पूँजी बाजार का नियामक स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर जरूरी कदम उठाए जाएँगे।
चिदम्बरम ने कहा कि सरकार बढ़ती महँगाई से चिंतित है तथा उसे नियंत्रित करने के पूरे प्रयास कर रही है। इसके लिए सीमा और आयात शुल्कों में कमी भी की गई है तथा सरकार और भी कदम उठाने को तैयार है, लेकिन बहुत-सी बातें ऐसी हैं, जो हमारे नियंत्रण में नहीं हैं।
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