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मनमोहन बाबा विश्वनाथ की शरण में
प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने शुक्रवार को भारी सुरक्षा के बीच विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग का सपत्नीक रूद्राभिषेक किया और बाद में अस्ताचलगामी सूर्य की लालिमा में वैदिक मंत्रों के बीच सैकड़ों दीपों से गंगा की आरती देख भाव विभोर हो गए।

वाराणसी अर्थात प्राचीन काशी की दो दिवसीय यात्रा पर आज शाम लगभग साढ़े चार बजे बाबतपुर हवाई अड्डे पर पहुँचने के बाद प्रधानमंत्री पत्नी गुरशरण कौर के साथ काशी हिंदू विश्वविद्यालय में अपने विश्राम स्थल से होते हुए शाम लगभग सवा छह बजे काशी विश्वनाथ मंदिर पहुँचे। वहाँ उन्होंने वैदिक विधि से दर्शन-पूजन किया। प्रधानमंत्री ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया।

प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी के साथ उत्तरप्रदेश के राज्यपाल टीवी राजेश्वर एवं काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. कर्णसिंह मंदिर में लगभग 40 मिनट तक रहे, जबकि तय कार्यक्रम के अनुसार उन्हें सिर्फ पंद्रह मिनट वहाँ रुकना था।

आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि मनमोहन करीब चालीस मिनट तक बाबा विश्वनाथ के दरबार में रहे। यात्रा को देखते हुए उनके काफिले के मार्ग में सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई थी। मंदिर में मनमोहन के संक्षिप्त कार्यक्रम को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने उनके लिए षोडशोपचार पूजन की व्यवस्था की थी।

मनमोहन ने षोडशोपचार पूजन के तहत सपत्नीक बाबा विश्वनाथ को दुग्ध, दधि, घृत, मधु एवं शर्करा के मिश्रण से बनने वाले पंचामृत से स्नान कराया। स्नान के बाद भगवान विश्वनाथ को जल, गंध, यज्ञोपवीत, दूर्वा, पुष्प, अक्षत, बिल्वपत्र, परिमल द्रव्य, नैवेद्य, धूप-दीप, तांबूल एवं फल अर्पित किए।

मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी ने बताया कि पूजन कार्य मंदिर न्यास के राजकृष्ण मालवीय एवं चंद्रमौलि उपाध्याय की उपस्थिति में 11 विद्वानों ने संपन्न कराया।

मनमोहन आधे घंटे विलंब से शाम लगभग सात बजे सुरक्षा एजेंसियों एवं अधिकारियों के लंबे काफिले के बीच प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर माँ गंगा की आरती में शामिल होने पहुँचे। दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित गंगा आरती कार्यक्रम में प्रधानमंत्री एवं उनकी पत्नी का स्वागत अंगवस्त्रम, रुद्राक्ष एवं स्मृति चिह्न देकर किया गया।

मनमोहनसिंह शनिवार को सुबह दस बजे से लगभग साढ़े 11 बजे तक काशी हिंदू विश्वविद्यालय के 90वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने के बाद लगभग 12 बजे दिल्ली रवाना हो जाएँगे। प्रधानमंत्री को काशी हिंदू विश्वविद्यालय में डीलिट की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।
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